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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:41 · नई दिल्ली संस्करण

निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त, डीएम ने जारी किए कड़े निर्देश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त, डीएम ने जारी किए कड़े निर्देश

नालंदा, बिहारशरीफ नालंदा जिले में निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से विभिन्न मदों में अधिक शुल्क वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।आज गुरुवार को जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई जिसमें निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में यह बात सामने आई कि कई निजी विद्यालय नामांकन, पुनर्नामांकन, वार्षिक शुल्क, विकास शुल्क, पुस्तक, यूनिफॉर्म, जूता, स्टेशनरी और परिवहन शुल्क के नाम पर अभिभावकों से अत्यधिक राशि वसूल रहे हैं। इसके अलावा कुछ स्कूलों द्वारा अभिभावकों को एक ही दुकान से किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य करने की भी शिकायतें मिली हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा हर वर्ग का अधिकार है और इसे सुलभ एवं पारदर्शी बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) विधेयक, 2019 के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी निजी विद्यालयों के संचालकों के साथ शीघ्र बैठक कर उन्हें नियमों से अवगत कराएं और अनुपालन सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय को छात्रों को किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म, पुस्तक या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करने की अनुमति नहीं होगी।इसके साथ ही विद्यालयों को प्रत्येक कक्षा की अनिवार्य पुस्तकों की सूची और यूनिफॉर्म का विवरण अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने तथा विद्यालय परिसर में प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। शुल्क वृद्धि भी केवल निर्धारित नियमों के अनुसार ही की जा सकेगी। इसके लिए प्रशासनिक तौर पर ई मेल आईडी जारी की गई है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले निजी विद्यालयों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ विद्यालय की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के सभी कार्यक्रम पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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