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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:36 · नई दिल्ली संस्करण

नागदा नगर पालिका उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, 19 पार्षदों ने किया समर्थन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नागदा नगर पालिका उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, 19 पार्षदों ने किया समर्थन

नागदा। मध्‍य प्रदेश के उज्जैन जिले की नागदा नगर पालिका परिषद में भाजपा उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव मंगलवार को मतदान के बाद खारिज हो गया। प्रस्ताव के समर्थन में 17 पार्षदों ने मतदान किया, जबकि 19 पार्षदों ने उपाध्यक्ष के पक्ष में मत दिया। इस तरह दो मतों के अंतर से सुभाष शर्मा अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे।

नगर पालिका परिषद में कुल 36 पार्षद हैं। इनमें 24 पार्षद भाजपा और 12 कांग्रेस के हैं। परिषद में भाजपा को स्पष्ट बहुमत हासिल होने के बावजूद उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। मंगलवार को हुए मतदान के बाद प्रस्ताव पारित कराने के लिए आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका।

भाजपा पार्षदों की नाराजगी मतदान में आई सामने

अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान के परिणाम ने भाजपा के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान को भी उजागर कर दिया। परिषद में भाजपा के 24 पार्षद होने के बावजूद अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 17 मत पड़े। इससे संकेत मिलता है कि भाजपा के कुछ पार्षदों ने पार्टी के ही उपाध्यक्ष के खिलाफ मतदान किया।

दूसरी ओर, 19 पार्षदों का समर्थन मिलने से अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। पिछले कई महीनों से भाजपा के कुछ पार्षदों की नाराजगी और असंतोष को लेकर नगर पालिका की राजनीति में लगातार चर्चाएं चल रही थीं। उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई को भी इसी राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा था।

मामला हाई कोर्ट तक पहुंच चुका था

सुभाष शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद पहले ही न्यायालय तक पहुंच चुका था। लंबे समय से चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच मंगलवार को मतदान हुआ, जिसमें शर्मा को 19 पार्षदों का समर्थन हासिल हुआ।

मतदान का परिणाम सामने आने के बाद अब सुभाष शर्मा नागदा नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। हालांकि, भाजपा के पार्षदों के बीच सामने आई मतभिन्नता ने स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

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