महिला सशक्तिकरण की दिशा में नीतीश कुमार का काम अनुकरणीय : उमेश कुशवाहा
जदयू महिला प्रकोष्ठ ने किया महिला दिवस समारोह का आयोजन
पटना। रविवार को प्रदेश कार्यालय के कर्पूरी सभागार में जदयू महिला प्रकोष्ठ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बातौर मुख्य अतिथि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. भारती मेहता एवं मंच का संचालन पूजा एन शर्मा ने की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद विधानपार्षद सह पार्टी के कोषाध्यक्ष ललन सर्राफ, पूर्व मंत्री सह विधायक शीला मंडल, महिला प्रकोष्ठ की प्रभारी सह पूर्व मंत्री रंजू गीता, प्रवक्ता अंजुम आरा, डॉ. स्वेता विश्वास, मालती सिंह, पूर्व विधानपार्षद रोजीना नजीश, पूर्व विधायक रेणु पासवान, पूर्व अध्यक्ष कंचन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने 18 वर्षों के कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के प्रतीक रंग को महिलाओं के जीवन में चरितार्थ करने का काम किया है। उन्होंने अपने नीतियों एवं कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को गरिमा और सम्मान दिलाया। महिला सशक्तिकरण की दिशा में नीतीश कुमार का काम सबसे अनूठा और अनुकरणीय है। श्री कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा के प्रति बालिकाओं के लिए नीतीश सरकार द्वारा अनेकों कल्याणकारी योजनाओं का संचालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है। कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में महिलाओं की भूमिका अहम होने वाली है। बिहार की सभी 40 सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के लिए आप सभी नीतीश कुमार के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें।
वहीं महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. भारती मेहता ने कहा कि आज संयुक्त राष्ट्र संघ जिस लैंगिक समानता की बात कह रहा है, उसकी शुरूआत बिहार में सीएम नीतीश ने वर्ष 2006 में की थी। असल मायनों में मुख्यमंत्री दुनियाभर में लैंगिक समानता के नायक हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से न सिर्फ सबल बनाया बल्कि उन्होंने जैविक निर्धारण की मानसिकता को भी खत्म करने का काम किया है।
वहीं बिहार सरकार की पूर्व मंत्री सह विधायक शीला मंडल ने कहा कि सवित्री बाई फुले ने महिलाओं में शिक्षा का अलख जगाने का काम किया एवं भारत रत्न डॉ0 भीमराव अंबेडकर ने महिलाओं को उनका हक और अधिकार देने का काम किया और हमें इस बात का गर्व है कि मुख्यमंत्री आज उसी धारा को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।





