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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:32 · नई दिल्ली संस्करण

निशांत कुमार का लोहिया को नमन, बोले— पिताजी ने अपनाए उनके सिद्धांत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
निशांत कुमार का लोहिया को नमन, बोले— पिताजी ने अपनाए उनके सिद्धांत

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार ने सोमवार को डॉ. राममनोहर लोहिया की जयंती पर पार्टी कार्यालय में राममनोहर लोहिया को पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी।

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान जदयू नेता ने अपने पिता और सीएम नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि एक बार गांधी मैदान में राम मनोहर लोहिया का भाषण चल रहा था। इसी भाषण को सुनकर पिताजी लोहिया जी से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने उन्हें अपना गुरु आदर्श मान लिया और फैसला किया कि वे भी उनके दिखाए गए रास्ते और सिद्धांतों पर चलेंगे।

उन्होंने कहा कि पिताजी जीवनभर लोहिया जी के सिद्धांतों पर चले हैं।

चाहे वह सत्य हो, अहिंसा हो, जाति और रंग के आधार पर भेदभाव को खत्म करना हो या महिलाओं की समानता हो। मेरे पिता ने महिलाओं को आरक्षण दिया और उन्हें रोजगार के लिए प्रोत्साहित किया। यह सच्ची लैंगिक समानता को दर्शाता है। उन्होंने जाति और रंग से ऊपर उठकर, सभी वर्गों में न्याय के साथ विकास सुनिश्चित किया।

निशांत कुमार ने कहा कि मेरे पिताजी लोहिया जी को अपना गुरु मानते हैं और उनकी विचारधारा से जुड़े रहे।

गांधी मैदान में एक बार लोहिया जी का भाषण चल रहा था और उसी दौरान से वे उनसे काफी प्रभावित हुए। तब से वे लोहिया जी के एक प्रकार के शिष्य बन गए।

नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि पिताजी से पहले की सरकारों में बिहार में लूट-पाट और अपराध का राज था, लेकिन जब पिताजी आए तो उन्होंने दंगा और हिंसा को बंद किया। विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का काम किया गया। सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर काम किया गया।

निशांत कुमार जदयू में तब आए हैं, जब उनके पिता और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बिहार से जाने का मन यानि कि राज्यसभा जाने की घोषणा की। वे हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में जीत गए हैं।

दूसरी ओर, नीतीश कुमार के बाद बिहार की बागडोर किसके हाथों में आएगी, इसे लेकर चर्चा तेज है। जिन कुछ नामों पर चर्चा ज्यादा है, उनमें एक नाम निशांत कुमार का भी है।

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