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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:44 · नई दिल्ली संस्करण

समस्तीपुर में राजद के वायरल चुनावी गीत पर एनएचआरसी का कड़ा रुख, नाबालिग के शोषण का आरोप, दो हफ्ते में एटीआर मांगी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
समस्तीपुर में राजद के वायरल चुनावी गीत पर एनएचआरसी का कड़ा रुख, नाबालिग के शोषण का आरोप, दो हफ्ते में एटीआर मांगी

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच समस्तीपुर जिले से एक नया विवाद सामने आया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक वायरल वीडियो पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इस वीडियो में एक बच्चा चुनावी गीत गा रहा है, जिसके बोल पर भी विवाद है।

आरोप है कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थकों द्वारा प्रचारित यह गीत जाति-आधारित घृणा फैला रहा है और नाबालिग बच्चों को राजनीतिक नारों के लिए इस्तेमाल कर उनकी मासूमियत का शोषण कर रहा है।

एनएचआरसी ने जिला प्रशासन, पुलिस और चुनाव आयोग को दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। शिकायत 10 नवंबर 2025 को आयोग के समक्ष रखी गई थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि समस्तीपुर में राजद के कार्यकर्ताओं द्वारा बनवाया गया यह वीडियो भड़काऊ और विभाजनकारी है। इसमें नाबालिग बच्चे जातिगत नारे लगाते और राजनीतिक बयान देते दिखाए जा रहे हैं, जो समाज में वैमनस्य बढ़ाने का काम कर रहा है।

शिकायत में कहा गया कि गीत की भाषा और प्रस्तुति राजद की जाति-आधारित राजनीति को बढ़ावा देती है, जो बच्चों के मानसिक और नैतिक विकास को नुकसान पहुंचा सकती है। यह किशोर न्याय अधिनियम, 2015 और संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19(1)(ए) तथा 21 का स्पष्ट उल्लंघन है।

सदस्य प्रियांक कानूनगो की अध्यक्षता में एनएचआरसी की खंडपीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया।

आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया नाबालिगों के अधिकारों का उल्लंघन माना है। साथ ही, यह चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का भी उल्लंघन है, जो राजनीतिक अभियानों में बच्चों का इस्तेमाल करने पर रोक लगाते हैं।

आयोग ने रजिस्ट्री को निर्देश दिए कि समस्तीपुर के डीएम, एसपी, मुख्य चुनाव आयुक्त (नई दिल्ली) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (बिहार) को नोटिस जारी कर आरोपों की स्वतंत्र जांच, वीडियो निर्माताओं पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय करने को कहा जाए।

आयोग ने जोर दिया कि यदि जरूरी हो तो प्रभावित बच्चों और उनके अभिभावकों को परामर्श प्रदान किया जाए। रिपोर्ट आधिकारिक ईमेल पर भी भेजनी होगी। जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, समस्तीपुर को पत्र में शिकायत की प्रति संलग्न कर एटीआर की मांग की गई है।

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