मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:22 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली के सभी पानी के टैंकरों में जीपीएस लगाना जरूरी, एनजीटी का बड़ा आदेश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली के सभी पानी के टैंकरों में जीपीएस लगाना जरूरी, एनजीटी का बड़ा आदेश

नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड को पानी के सभी टैंकरों में जीपीएस लगाने के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि जल बोर्ड दिल्ली में सभी टैंकरों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। इसके साथ ही, टैंकर ड्राइवरों को जांच के समय दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा।

एनजीटी ने अपने आदेश में कहा, "अब हर तरह के पानी के टैंकर चाहे वह भूजल लेकर चल रहा हो या सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का साफ किया हुआ पानी, सभी में जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा।"

एनजीटी ने 28 मई 2025 को अपने एक आदेश में कहा था कि कमर्शियल तौर पर पानी सप्लाई करने वाले सभी टैंकरों में जीसीएस लगा होना चाहिए।

साथ ही अगर कहीं अवैध तरीके से भूजल निकाला जाता है तो उस पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए थे। कुछ पक्षों ने एनजीटी से गुहार लगाई थी कि जो टैंकर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का साफ किया हुआ पानी ले जाते हैं उन्हें जीपीएस नियम से छूट दी जाए और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न हो।

हालांकि, एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि एसटीपी का साफ किया हुआ पानी पर्यावरण के लिए फायदेमंद है और उसका दोबारा इस्तेमाल होना चाहिए, लेकिन निगरानी जरूरी है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि अगर सभी टैंकरों में जीपीएस नहीं होगा तो कुछ लोग एसटीपी पानी के नाम पर अवैध भूजल ले जा सकते हैं।

इसलिए निगरानी के लिए जीपीएस सिस्टम जरूरी है।

दरअसल, प्रीतिपाल शर्मा ने अंतरिम आवेदन दायर में एक व्यक्ति पर दिल्ली जल बोर्ड की अनुमति के बिना बोरवेल लगाने के आरोप लगाए थे।

शिकायत में कहा गया कि वह केंद्रीय भूजल प्राधिकरण से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (एनओसी) प्राप्त किए बिना व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए भूजल निकाल रहा है और पानी के टैंकरों के माध्यम से इसे आया नगर और उससे आगे के निवासियों को आपूर्ति कर रहा है। इस ट्रिब्यूनल ने तथ्यों की स्थिति को सत्यापित करने और एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक कमेटी का गठन किया। बाद में इस कमेटी ने ट्रिब्यूनल की ओर से पारित आदेशों के अनुपालन में अपनी रिपोर्ट पेश की।

अलग-अलग तरीखों पर सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने निर्देश जारी किए थे कि दिल्ली में कमर्शियल कामों के लिए पानी की सप्लाई के लिए सिर्फ जीपीएस वाले टैंकरों का ही इस्तेमाल किया जाएगा और ग्राउंडवाटर के गैर-कानूनी तरीके से भूजल निकालने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें