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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:40 · नई दिल्ली संस्करण

भारत-UAE संबंधों में नई ऊँचाई: भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा का विस्तार, संबंधों की मज़बूती का प्रतीक

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
भारत-UAE संबंधों में नई ऊँचाई: भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा का विस्तार, संबंधों की मज़बूती का प्रतीक

भारत-UAE संबंधों को नई उड़ान: भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल

सुविधा का विस्तार

नई दिल्ली, 29 जून 2025: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के

बीच बढ़ते हुए रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को एक और

सशक्त आयाम मिला है। UAE में भारत के राजदूत अब्दुलनासर अलशाली (PhD)

ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि भारत के

नागरिकों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा का विस्तार केवल एक प्रशासनिक

निर्णय नहीं, बल्कि भारत और यूएई के गहरे, टिकाऊ

और भविष्य उन्मुख साझेदारी का

मूर्त प्रतीक है।

राजदूत अब्दुलनासर अलशाली ने कहा, “भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल कार्यक्रम का विस्तार

भारत गणराज्य के साथ हमारी स्थायी साझेदारी को प्रतिबिंबित करता है। यह एक

व्यावहारिक कदम है जो परिवारों को फिर से जोड़ने, पेशेवरों

को सहयोग करने, और व्यापारों को सीमाओं के पार बढ़ने

में आसान बनाएगा। भारत और यूएई दो ऐसे जीवंत और दूरदर्शी राष्ट्र हैं जो अपने

लोगों और अर्थव्यवस्थाओं के बीच और भी मजबूत पुलों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध

हैं।”

यह कदम न केवल भारत

और यूएई के बीच यात्रा को सरल बनाएगा, बल्कि

यह द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा भी देगा। अरब देशों में भारतीय प्रवासी बड़ी

संख्या में रहते हैं और उनमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात में

कार्यरत है। वीज़ा नियमों में यह सहजता अब न केवल प्रवासी भारतीयों के लिए घर

लौटने या परिवार से मिलने को आसान बनाएगी, बल्कि

यह व्यापारिक अवसरों, शैक्षणिक सहयोग, और संयुक्त उद्यमों को भी गति देगी।

भारत और यूएई के बीच व्यापारिक लेन-देन 85 अरब

डॉलर से अधिक हो

चुका है और दोनों देश CEPA (Comprehensive

Economic Partnership Agreement) जैसे समझौतों के माध्यम से शून्य शुल्क व्यापार, निवेश की पारदर्शिता, और तकनीकी सहयोग

को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं।

वीज़ा-ऑन-अराइवल जैसे फैसले इस व्यापक सहयोग को ज़मीनी हकीकत में बदलने का कार्य

करते हैं।

UAE की यह नीति विशेष रूप से उन भारतीय

परिवारों के लिए आशा की किरण है जो लंबे समय से अपने प्रियजनों से दूर हैं। साथ ही,

यह उन युवाओं, स्टार्टअप संस्थापकों और पेशेवरों के

लिए भी बड़ा अवसर है जो UAE के तेज़ी से बढ़ते व्यापारिक और तकनीकी

माहौल का हिस्सा बनना चाहते हैं।

इस फैसले से यह भी स्पष्ट हो गया है कि भारत और यूएई के संबंध अब केवल तेल, व्यापार या निवेश तक सीमित नहीं, बल्कि ये जन-जन

के भावनात्मक और व्यावसायिक जुड़ाव का रूप ले चुके हैं। यह साझेदारी केवल सरकारों के बीच नहीं,

बल्कि लोगों

के दिलों के बीच बन

रही है — जो आने वाले समय में दोनों देशों की

वैश्विक भूमिका को और सशक्त करेगी।

Visa-on-Arrival Policy में भारतीय नागरिकों को मिला और अधिक लाभ

The Embassy of the United Arab Emirates in New Delhi ने यह स्पष्ट किया है कि भारत के नागरिकों के लिए UAE की Visa-on-Arrival policy का विस्तार दोनों देशों के बीच bilateral cooperation और people-to-people engagement को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

अब Indian passport holders जिनके पास valid residence permits हैं — Australia, Canada, Japan, New Zealand, Republic of Korea और Singapore जैसे देशों का — वे सभी UAE के किसी भी entry point पर visa on arrival प्राप्त कर सकते हैं।

यह नई सुविधा पहले से मौजूद eligibility criteria में जोड़ी गई है, जिसमें भारतीय नागरिकों को पहले से visa on arrival की अनुमति थी यदि उनके पास valid visa, residence permit या Green Card होता United States, European Union या United Kingdom का।

यह कदम न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा बल्कि भारत-UAE के मजबूत होते संबंधों को और गहराई प्रदान करेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और व्यक्तिगत रिश्तों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

भारतीय नागरिकों के लिए UAE द्वारा वीज़ा-ऑन-अराइवल सुविधा का विस्तार केवल एक नीति

परिवर्तन नहीं, बल्कि एक नई वैश्विक साझेदारी की घोषणा है — एक ऐसा रिश्ता जो समझदारी, समर्पण

और समानता की

बुनियाद पर खड़ा है। भारत और UAE मिलकर जिस सांझी समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं, उसमें

यह पहल एक मील का पत्थर सिद्ध होगी।

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