मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:43 · नई दिल्ली संस्करण

नेपाल प्रदर्शन : गृह मंत्री के बाद कृषि मंत्री का इस्तीफा, प्रदर्शन के कारण काठमांडू में फिर से कर्फ्यू

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

काठमांडू। नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन के विरोध में जारी हिंसक प्रदर्शन के बीच सरकार पर संकट गहरा रहा है। मंगलवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के मंत्रिमंडल के एक अन्य मंत्री ने भी इस्तीफा दे दिया।

कृषि और पशुपालन विकास मंत्री रामनाथ अधिकारी ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि हिंसा से देश की पीड़ा को देखते हुए वह अपने पद पर बने नहीं रह सकते थे।

कृषि और पशुधन विकास मंत्री रामनाथ अधिकारी ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा, "हिंसा ने यह सवाल उठाया है कि क्या मौजूदा सरकार एक अधिनायकवादी व्यवस्था की ओर बढ़ रही है।"

इससे पहले, नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

नेपाल की राजधानी काठमांडू और इसके बाहर सोमवार को हुए जेन-जी प्रदर्शनों के दौरान सरकार की हिंसक प्रतिक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं। इस हिंसा में कम से कम 19 लोगों की जान गई। मंगलवार को भी काठमांडू के अलग-अलग हिस्सों से छिटपुट विरोध-प्रदर्शन की जानकारी सामने आई। इसके कारण स्थानीय प्रशासन ने लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाते हुए कर्फ्यू लगाया है।

काठमांडू में गृह मंत्रालय के अधीन तीन जिला प्रशासन कार्यालयों (डीएओ) ने अलग-अलग नोटिस जारी करके कई स्थानों पर सुबह से कर्फ्यू लगा दिया, जिसमें शहर के प्रमुख एंट्री प्वाइंट शामिल हैं।

काठमांडू डीएओ ने मंगलवार को राजधानी महानगरपालिका क्षेत्र में सुबह 8:30 बजे से अनिश्चितकाल तक के लिए कर्फ्यू लागू किया, जिसमें लोगों को आवाजाही, प्रदर्शन, सभाएं या धरने पर रोक है।

कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, शव वाहन, स्वास्थ्यकर्मियों, पत्रकारों, पर्यटक वाहनों, हवाई यात्रियों और मानवाधिकार व राजनयिक मिशनों के वाहनों की आवाजाही की अनुमति होगी।

इसी तरह, ललितपुर के जिला प्रशासनिक अधिकारी ने भी अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शनों के बीच सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को प्रभावित करने वाली हिंसक गतिविधियों, दंगों या अशांति की संभावना का हवाला देते हुए जिले के विभिन्न स्थानों पर कर्फ्यू लगाया है।

नोटिस में कहा गया है कि ललितपुर जिले के निर्दिष्ट क्षेत्रों में सभी प्रकार की सभाएं, रैलियां, जुलूस, धरना या सामूहिक गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।

भक्तपुर के जिला प्रशासनिक अधिकारी ने भी जिले के विभिन्न स्थानों पर कर्फ्यू लगा दिया है, जिसमें विरोध-प्रदर्शन और सभाओं पर रोक लगा दी गई है।

वहीं, लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को 'हत्यारी सरकार' कह रहे हैं।

इसी बीच, प्रधानमंत्री ओली ने सोमवार देर रात एक बयान जारी कर विरोध प्रदर्शनों के दौरान अवांछित समूहों की घुसपैठ को इस दुखद घटना का कारण बताया था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें