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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:24 · नई दिल्ली संस्करण

नेपाल : ओली के सार्वजनिक बहस प्रस्ताव को बालेन शाह ने ठुकराया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नेपाल : ओली के सार्वजनिक बहस प्रस्ताव को बालेन शाह ने ठुकराया

काठमांडू। नेपाल के चुनाव में प्रधानमंत्री पद के दावेदारों के बीच सार्वजनिक बहस कराने की मांग को पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली ने स्वीकार किया है जबकि उनके इस प्रस्ताव को एक अन्य उम्मीदवार बालेन शाह ने खारिज कर दिया है।पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अन्य प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों के साथ सार्वजनिक बहस (डिबेट) में भाग लेने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि देश के सामने मौजूद विकल्पों को स्पष्ट करने के लिए पारदर्शी और प्रत्यक्ष बहस जरूरी है, जिसमें दलों के एजेंडे, उनकी पूर्व उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाएँ जनता के सामने लाई जाएँ।सोशल मीडिया पर लिखते हुए ओली ने कहा, “देश को जलाने वालों और देश को बनाने वालों के बीच इस प्रतिस्पर्धा में हमारी पार्टी, सीपीएन–यूएमएल, देश बनाने के पक्ष में खड़ी है।”उन्होंने बताया कि कई प्रबुद्ध वर्गों से उन्हें यह संदेश मिला है कि जनता के बीच पार्टी नेताओं के बीच खुली बहस की माँग बढ़ रही है। ओली के अनुसार, कुछ दल सोशल मीडिया प्रचार के सहारे अपनी वास्तविक पहचान छिपाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए प्रत्यक्ष बहस और भी जरूरी हो गई है।ओली ने कहा, “इस वर्ष के चुनाव में ऐतिहासिक दलों के साथ-साथ पिछले चुनावों में बने दल और कुछ नए दलों ने भी अपने प्रधानमंत्री उम्मीदवार उतारे हैं। देश का नेतृत्व करने वाले दलों के एजेंडे, उनके अतीत के योगदान और भविष्य के रोडमैप को जानना जनता का अधिकार है। इन विषयों पर आमने-सामने की बहस बेहद सकारात्मक होगी।”उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी पार्टी की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को सार्वजनिक मंच पर रखने के लिए तैयार हैं और सभी प्रधानमंत्री उम्मीदवारों को एक मंच पर लाकर उनसे सीधे सवाल किए जाने के पक्ष में हैं।हालाँकि, काठमांडू महानगर के पूर्व मेयर और राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) की ओर से 5 मार्च के चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेन शाह ने ओली के साथ सार्वजनिक बहस में शामिल होने से इनकार कर दिया है।बालेन शाह ने ओली के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे ऐसी बहस में भाग नहीं लेंगे क्योंकि सोशल मीडिया पर उन्हें आतंकवादी या “देश जलाने वाला” बताकर बदनाम किया जा रहा है।शाह ने 8 सितंबर को 76 बच्चों की मौत और 9 सितंबर को हुई आगजनी की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इन त्रासदियों की जिम्मेदारी जिन पर वह डालते हैं, उनके साथ वे एक मंच साझा नहीं कर सकते।सोशल मीडिया पर ही ओली के सार्वजनिक बहस वाले प्रस्ताव का जवाब देते हुए बालेन ने कहा, “76 बच्चों के हत्यारे और उनके सहयोगियों के साथ एक ही मंच पर खड़ा होना मुझे भी उस अपराध में सहभागी बना देगा।”

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