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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:43 · नई दिल्ली संस्करण

नीट पेपर लीक मामला: पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे की कोर्ट में पेशी, सीबीआई ने मांगी 14 दिन की कस्टडी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नीट पेपर लीक मामला: पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे की कोर्ट में पेशी, सीबीआई ने मांगी 14 दिन की कस्टडी

नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और उसकी सहयोगी मनीषा वाघमारे को शनिवार को सीबीआई ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। दोनों आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार किया गया था। कुलकर्णी पेशे से केमिस्ट्री के शिक्षक बताए जा रहे हैं।

सीबीआई के विशेष जज अजय गुप्ता की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों की 14 दिनों की कस्टडी की मांग की। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मनीषा वाघमारे, घनजय, कुलकर्णी और मनीषा मांधरे के बीच आपसी संपर्क था। सभी इस पेपर लीक साजिश में शामिल थे।

आरोपियों की कस्टडी मांगते हुए एजेंसी ने कहा कि जांच के सिलसिले में आरोपियों को देश के अन्य हिस्सों में ले जाना है, इसलिए लंबी कस्टडी की जरूरत है।

मनीषा वाघमारे की ओर से पेश वकील ने सीबीआई की कस्टडी मांग का विरोध करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया। उन्होंने दावा किया कि पुणे पुलिस ने मनीषा को 24 घंटे से अधिक समय तक अपनी कस्टडी में रखा।

मनीषा के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और केवल कथित डिस्क्लोजर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। वकील ने दलील दी कि जब मोबाइल फोन पहले से ही सीबीआई के पास है, तो आगे की कस्टडी की जरूरत नहीं है।

पीवी कुलकर्णी के वकील ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्होंने प्रश्नपत्र तैयार किया भी था, तो उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनके द्वारा तैयार किए गए सवाल एनटीए द्वारा चयनित किए जाएंगे या नहीं। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उनके मुवक्किल को तीन दिनों से अधिक की कस्टडी न दी जाए।

बचाव पक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सीबीआई ने कहा कि मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था और 15 मई को विधिवत ट्रांजिट रिमांड लिया गया। एजेंसी ने दोहराया कि दोनों आरोपी पेपर लीक मामले में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।

मामले में सीबीआई की कस्टडी की मांग पर अदालत शाम 5 बजे अपना फैसला सुनाएगी।

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