मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:41 · नई दिल्ली संस्करण

नवजीवन विहार का 'जीरो वेस्ट कॉलोनी' मॉडल बनेगा पूरे दिल्ली के लिए मिसाल: एलजी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नवजीवन विहार का 'जीरो वेस्ट कॉलोनी' मॉडल बनेगा पूरे दिल्ली के लिए मिसाल: एलजी

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने मंगलवार को दक्षिण दिल्ली स्थित नवजीवन विहार का दौरा कर वहां के सफल ‘जीरो वेस्ट कॉलोनी’ मॉडल का निरीक्षण किया। उन्होंने इस सामुदायिक पहल को दिल्ली की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों में से एक बताते हुए इसकी सराहना की और इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने पर जोर दिया।

इस दौरान उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने कॉलोनी के रिड्यूस-रीयूज-रीसायकल (आरआरआर) सेंटर, विकेंद्रीकृत एरोबिक कंपोस्टिंग यूनिट, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण व्यवस्था तथा वर्षा जल संचयन प्रणाली का विस्तृत निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि यह मॉडल दिखाता है कि सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहरी वातावरण तैयार किया जा सकता है।

उपराज्यपाल ने नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) को निर्देश दिए कि वह अन्य रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) को भी इस आत्मनिर्भर मॉडल को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करे।

उन्होंने विशेष रूप से अनधिकृत और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) की कॉलोनियों में ऐसे विकेंद्रीकृत कचरा प्रबंधन एवं कंपोस्टिंग प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशने को कहा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में एरोबिन और आरआरआर सेंटर जैसी आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड का व्यवस्थित उपयोग किया जाए।

उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने कहा कि टिकाऊ कचरा प्रबंधन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदारी की भावना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “वेस्ट टू वेल्थ” की यात्रा घर से ही शुरू होती है और प्रत्येक परिवार को स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करना चाहिए।

उन्होंने नवजीवन विहार आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समुदाय के सक्रिय नेतृत्व में यह मॉडल पिछले लगभग आठ वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इस अवधि में कॉलोनी ने 10 लाख किलोग्राम से अधिक कचरे को दिल्ली के पहले से ही बोझिल लैंडफिल स्थलों तक पहुंचने से रोका है।

उपराज्यपाल ने कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयासों को संस्थागत सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने सभी हितधारकों से संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के निर्वहन और विकसित, समावेशी तथा विश्वस्तरीय दिल्ली के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें