मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:43 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली गैंगरेप और धर्मांतरण मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त, स्वत: संज्ञान लेकर मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली गैंगरेप और धर्मांतरण मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त, स्वत: संज्ञान लेकर मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने दिल्ली के जामिया नगर क्षेत्र में दलित महिला के कथित अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण के मामले को लेकर स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए दिल्ली पुलिस से तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा है।

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) भी मांगी है।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और कई लोगों द्वारा लगातार यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।

महिला आयोग ने अपनी रिपोर्ट में एफआईआर की स्थिति, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी/एसटी एक्ट के तहत लगाए गए प्रावधान, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, मेडिकल और फोरेंसिक जांच, मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का बयान तथा उसकी सुरक्षा, गोपनीयता, काउंसलिंग और पुनर्वास से जुड़े कदमों की जानकारी मांगी है।

आयोग ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म, जातीय हिंसा और जबरन धार्मिक दबाव जैसे आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और इनकी जांच पूरी संवेदनशीलता, निष्पक्षता और तत्परता के साथ होनी चाहिए।

एनसीडब्ल्यू ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा, दबाव और डराने-धमकाने जैसी घटनाएं किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, एनसीडब्ल्यू ने पुणे में एक महिला के साथ कथित एसिड हमले और घरेलू क्रूरता की बेहद गंभीर घटना पर स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने मीडिया में आई खबरों को “गहराई से विचलित करने वाला” बताते हुए महाराष्ट्र पुलिस से तत्काल और सख्त कार्रवाई करने को कहा है।

आयोग के अनुसार, आरोपी पति ने विवाहेतर संबंध के शक में अपनी पत्नी के निजी अंगों पर फर्श साफ करने वाला एसिड डाल दिया। आरोप है कि उसने महिला को कई दिनों तक घर में बंद रखा और उसे इलाज तक नहीं कराने दिया।

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले में तत्काल, कठोर और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

महिला आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और पीड़िता को आवश्यक सुरक्षा एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें