दिग्गज अभिनेता Nana Patekar की पत्नी का सच! नेशनल अवॉर्ड विनर हैं नीलकांति, पति से क्यों हुईं अलग?
अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल में निधन हो गया है, जिसके बाद उनकी पत्नी नीलकांति पाटेकर चर्चा में हैं। नीलकांति खुद मराठी की जानी-मानी अभिनेत्री हैं, जिन्होंने IIT का एग्जाम पास कर थिएटर चुना। 1973 में उन्हें स्टेट ड्रामा में बेस्ट एक्ट्रेस का गोल्ड मेडल और 1989 में फिल्म 'आत्मविश्वास' के लिए महाराष्ट्र सरकार का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला। नाना से उनकी शादी 1978 में हुई, दो बेटे हुए। पिछले 35 साल से दोनों अलग रह रहे थे, पर तलाक नहीं लिया था।

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में गोवा में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने इस खबर की पुष्टि की है। नाना के निधन के साथ ही उनकी निजी जिंदगी, खासकर उनकी पत्नी नीलकांति पाटेकर को लेकर लोगों में जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। नीलकांति पाटेकर खुद एक जानी-मानी मराठी अभिनेत्री हैं। उनका जन्म पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था। उनके पिता सेंट्रल एक्साइज विभाग में थे, जिस वजह से उनका बचपन कई शहरों में बीता। पढ़ाई में वह बेहद तेज थीं। उन्होंने फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया और पिता के कहने पर IIT का एंट्रेंस एग्जाम भी पास कर लिया था, लेकिन उनका मन थिएटर और एक्टिंग में था।
इसलिए उन्होंने IIT छोड़कर रंगमंच का रास्ता चुना। कुछ समय तक उन्होंने खुद को सपोर्ट करने के लिए बैंक में नौकरी भी की, लेकिन अभिनय उनका पहला प्यार था। नीलकांति ने मराठी थिएटर में अपना बड़ा नाम बनाया। 1973 में उन्हें महाराष्ट्र स्टेट ड्रामा कॉम्पिटिशन में बेस्ट एक्ट्रेस का गोल्ड मेडल मिला। इसके बाद उन्होंने मराठी सिनेमा में कदम रखा। 1989 में सचिन पिलगांवकर की फिल्म 'आत्मविश्वास' में लीड रोल के लिए उन्हें महाराष्ट्र सरकार की ओर से बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला। यह अवॉर्ड ही कई जगह नेशनल/स्टेट अवॉर्ड के तौर पर रिपोर्ट होता है।
लंबे ब्रेक के बाद उन्होंने विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना की 800 करोड़ की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'छावा' से कमबैक किया, जिसमें उन्होंने धाराऊ का किरदार निभाया था और खूब तारीफ बटोरी। नाना और नीलकांति की मुलाकात एक मराठी नाटक के दौरान हुई थी। दोनों में दोस्ती हुई और 1978 में दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद उन्हें दो बेटे हुए - दुर्वासा और मल्हार। बड़े बेटे दुर्वासा की महज ढाई साल की उम्र में बीमारी से मौत हो गई, जिसने दोनों को तोड़ कर रख दिया। इसके बाद धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों पिछले करीब 35 सालों से अलग रह रहे थे।
नाना ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था, "नीलकांति और मैंने कई साल खुशी के साथ बिताए, लेकिन समय के साथ हमारे बीच ऐसी मतभेद पैदा हुए जिन्हें सुलझाया नहीं जा सका। आज हम शादीशुदा तो हैं, लेकिन अलग-अलग रहते हैं।" खास बात ये है कि अलग रहने के बावजूद दोनों ने कभी कानूनी तौर पर तलाक नहीं लिया और आखिरी तक कानूनी रूप से पति-पत्नी बने रहे। नाना पाटेकर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी और नीलकांति की कहानी प्यार, दर्द और सम्मान की एक मिसाल है।




