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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:36 · नई दिल्ली संस्करण

मप्रः विधायक संजय पाठक की कंपनी पर स्टाम्प ड्यूटी चोरी का आरोप, लगेगा ब्याज और जुर्माना

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मप्रः विधायक संजय पाठक की कंपनी पर स्टाम्प ड्यूटी चोरी का आरोप, लगेगा ब्याज और जुर्माना

भोपाल। मध्य प्रदेश के कटनी जिले के कलेक्टर ऑफ स्टाम्प ने विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक की पारिवारिक कंपनी यश लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड और पांच भू-स्वामियों से करोड़ों रुपये की स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क वसूलने के आदेश दिए हैं।कलेक्टर कोर्ट ने यह फैसला जमीनों की रजिस्ट्री के दौरान उनकी वास्तविक स्थिति छिपाकर राजस्व को नुकसान पहुंचाने के मामले में सुनाया है। इसके तहत पेनल्टी और एक प्रतिशत मासिक ब्याज के साथ वसूली की जाएगी।कलेक्टर ऑफ स्टाम्प के पीठासीन अधिकारी पंकज कोरी ने गत 29 जून 2026 को यह आदेश पारित किया, लेकिन बुधवार को इसे सार्वजनिक किया गया। आदेश में कहा गया है कि जांच में सामने आया कि एनएच-7 (मिर्ज़ापुर रोड) और मुख्य मार्गों से लगी करोड़ों रुपये की जमीनों को दस्तावेजों में अंदरूनी क्षेत्र का दर्शाया गया था। इस हेराफेरी के जरिए सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया।मामले में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी नाजिम खान ने शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि क्रेता कंपनी के हर्ष कपूर ने भू-स्वामियों के साथ मिलकर वर्ष 2018 और 2019 की रजिस्ट्री दस्तावेजों में जानबूझकर हेराफेरी की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने हर्ष कपूर को नोटिस भेजे थे, लेकिन उन्होंने लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने मामले में एकपक्षीय कार्रवाई की। संयुक्त उप पंजीयक ने गोपनीय निरीक्षण में शिकायतकर्ता के सभी आरोप सही पाए।न्यायालय ने झिंझरी स्थित खसरा नंबर 292 के पांच मामलों की सुनवाई की, जिनमें से चार में बड़ी गड़बड़ी मिली। सुनील कुमार सहजवानी और जसवंत कुमार मोहनानी की जमीनों को बेचते समय एनएच की स्थिति छुपाई गई। नानकराम भोजवानी के मामले में मुख्य मार्ग के साथ-साथ मौके पर मौजूद 3500 वर्ग फीट के शेड की जानकारी भी छिपाई गई थी। अनिल टहलरमानी की जमीन को भी अंदर दर्शाकर टैक्स चोरी की गई।अदालत ने वर्ष 2018 से पूरी बकाया राशि पर एक प्रतिशत प्रति माह की दर से जुर्माना और एक प्रतिशत मासिक ब्याज का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार यदि राशि का भुगतान जुलाई 2026 में किया जाता है तो कुल देय राशि करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

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