"MP GOGOI पाकिस्तान की ओर से बोलते हैं", असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा का बड़ा बयान, देशद्रोह का गंभीर आरोप

"MP GOGOI पाकिस्तान की ओर से बोलते हैं", असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा का बड़ा बयान, देशद्रोह का गंभीर आरोप
नई दिल्ली / गुवाहाटी, 29 जुलाई 2025 : संसद में असम के जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई द्वारा दिए गए भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने उन्हें पाकिस्तान समर्थक मानसिकता का प्रतिनिधि करार दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, "संसद में हमारे सांसद गोगोई का भाषण यह संदेह से परे साबित करता है कि वह पाकिस्तान की ओर से बोलते हैं। उनकी गुप्त विदेश यात्राएं और पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों से निकटता बहुत कुछ बयां करती हैं।"
मुख्यमंत्री सरमा ने गौरव गोगोई की देशभक्ति पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि उनकी पत्नी और दोनों बच्चे विदेशी नागरिकता रखते हैं, और वह स्वयं कभी भी भारत छोड़ सकते हैं। उन्होंने गोगोई को "असम का कलंक" और "हमारी भारतीय अस्मिता से विश्वासघात" बताया।
गौरव गोगोई पर देशद्रोही मानसिकता का आरोप
यह बयान उस समय आया है जब संसद के मानसून सत्र में गोगोई द्वारा केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। विपक्ष के इस वरिष्ठ नेता का संसद में दिया गया भाषण न केवल तथ्यों से परे था, बल्कि भारत की विदेश नीति और सुरक्षा दृष्टिकोण पर पाकिस्तान के एजेंडे के समान लग रहा था। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, इस प्रकार की भाषा और रुख केवल भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर कमजोर करने का प्रयास है।
डॉ. सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि गोगोई की गुप्त विदेश यात्राएं और पाकिस्तानी अधिकारियों से कथित संबंध सुरक्षा एजेंसियों की जांच के योग्य हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार और संसद को इस गंभीर मामले को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विषय बन चुका है।
असम की जनता से किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने असम के लोगों से अपील की कि वे गौरव गोगोई जैसे "मुखौटा पहनकर देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले नेताओं" को पहचाने और लोकतांत्रिक माध्यमों से जवाब दें। उन्होंने कहा कि यह समय है असम की मातृभूमि, अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा का, जिसमें ऐसे नेताओं को जनादेश से पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए।
कांग्रेस पर भी उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण के बाद कांग्रेस पार्टी की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या पार्टी ऐसे नेताओं को समर्थन देकर भारत विरोधी गतिविधियों को मौन स्वीकृति दे रही है? गोगोई के बयान न केवल असम बल्कि पूरा देश अपमानित महसूस कर रहा है, और कांग्रेस को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।





