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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:57 · नई दिल्ली संस्करण

सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता और मितव्यता का संदेश देने का प्रभावी माध्यम: मोहन यादव

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता और मितव्यता का संदेश देने का प्रभावी माध्यम: मोहन यादव

- मुख्यमंत्री इंदौर के क्षिप्रा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा व 251 जोड़ों के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुएभोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति के 16 संस्कारों में पाणिग्रहण संस्कार का विशेष महत्व है। यह संस्कार ही परिवार परंपरा की निरंतरता का आधार बनता है। पाणिग्रहण संस्कार का संतों के सानिध्य और सामूहिक विवाह के आनंद के साथ संपन्न होना विशेष संयोग और सौभाग्य का प्रतीक है। सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक विभेद और फिजूल खर्ची जैसी बुराइयों की जगह सामाजिक समरसता और मितव्यता का संदेश देने का प्रभावी माध्यम हैं। समाज में सभी को ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करने में अपना योगदान देना चाहिए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर जिले के क्षिप्रा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा सह 251 जोड़ों के सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुष्प वर्षा कर नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की मंगलकामना के साथ ईश्वर से नव विवाहितों को वैभव, यश, कीर्ति, और आनंद प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने नव विवाहित जोड़ों से माता-पिता की सेवा करने और समाज के कल्याण में योगदान देने का आहवान भी किया। उन्होंने समारोह में नव विवाहित जोड़ों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी अपने डॉक्टर बेटे का विवाह सामूहिक विवाह समारोह में ही किया। बिना ऊंच-नीच और जात-पात के भेद के होने वाले सामूहिक विवाह समारोहों का आनंद अद्भुत है। उन्होंने कहा कि हम विवाह और मृत्यु भोज जैसे आयोजनों में फिजूल खर्ची को रोककर अपनी बचत और संसाधनों का उपयोग बच्चों को पढ़ाने-लिखाने और परिवार की बेहतरी में करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी उपस्थित जनसमुदाय को प्रेरित किया।समारोह में कथा वाचक उत्तम स्वामी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी सामूहिक विवाह कार्यक्रमों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों से फिजूलखर्ची रूकती है और समाज में एक अच्छा संदेश भी जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने बेटे का विवाह सामूहिक आयोजन में कर पूरे प्रदेश में अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित हितानंद शर्मा और बड़ी संख्या में नव विवाहित जोड़ों के परिजन उपस्थित रहे।

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