मप्रः मुख्यमंत्री आज सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे अनुग्रह सहायता राशि
30 हजार 591 श्रमिक परिवारों को मिलेगा 678 करोड़ रुपये का हितलाभ
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज (रविवार) ग्वालियर जिले
में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के अंतर्गत अनुग्रह सहायता
योजना की राशि का वितरण करेंगे। प्रदेश के 30 हजार 591 प्रकरणों में सहायता
राशि 678 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों को अंतरित की जाएगी।
कार्यक्रम में श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, प्रमुख सचिव सचिन सिन्हा
उपस्थित रहेंगे।
जनसम्पर्क अधिकारी पूजा थापक ने बताया कि कार्यक्रम
में मप्र भवन संनिर्माण कर्मकार मण्डल, संबल योजना और मप्र श्रम कल्याण
मण्डल की योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए जाएंगे।
उन्होंने
बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2018 में प्रारंभ संबल योजना में अब तक
कुल पांच लाख 25 हजार से अधिक प्रकरणों में चार हजार 900 करोड़ रुपये से
अधिक के हितलाभ वितरित किये जा चुके है। संबल योजना प्रदेश में असंगठित
क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है,
जिसमें अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर चार
लाख रुपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर दो लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं।
इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर दो लाख रुपये, आंशिक स्थायी अपंगता पर एक लाख
रुपये तथा अंतिम संस्कार सहायता के रूप में पांच हजार रुपये प्रदान किये
जाते हैं। संबल योजना में महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16
हजार रुपये दिये जाते हैं, साथ ही श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा
भी उपलब्ध कराई जाती है। मध्यप्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए
अनुकरणीय है।
मप्र भवन संनिर्माण कर्मकार मण्डल द्वारा निर्माण
श्रमिकों और उनके परिवार के 41 लाख 35 हजार व्यक्तियों को आयुष्मान योजना
से जोड़ा जा चुका है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के 17 लाख से अधिक
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवार के लिये मंडल के माध्यम से 19
योजनाएं संचालित हैं। इनमें से अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत निर्माण
श्रमिकों की मृत्यु होने पर तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता प्रदान
की जाती है।
मप्र श्रम कल्याण मण्डल द्वारा राज्य के संगठित क्षेत्र
के लगभग सात लाख श्रमिकों के हित में सात योजनाओं का संचालन किया जा रहा
है, जिसमें विवाह सहायता, कल्याणी सहायता, छात्रवृत्ति, अंत्येष्टि सहायता,
उत्तम श्रमिक एवं श्रमिक साहित्य पुरस्कार योजनाएं प्रमुख हैं।





