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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:43 · नई दिल्ली संस्करण

नेपाल में तबाही के बाद मातम, 200 लोगों के लापता होने का दावा; बचे लोगों ने सुनाई आपबीती

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
नेपाल में तबाही के बाद मातम, 200 लोगों के लापता होने का दावा; बचे लोगों ने सुनाई आपबीती

काठमांडू। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के करीब एक सप्ताह बाद भी तबाही का मंजर लोगों के जेहन में ताजा है। प्रभावित इलाकों से बचाए गए और फिलहाल अस्थायी शिविरों में रह रहे लोगों ने गुरुवार को आईएएनएस से बातचीत में एक दशक से अधिक समय में नेपाल की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक के बाद की भयावह स्थिति बयां की।

मुस्तांग के एक मठ में बने अस्थायी शिविर में रह रहे एक व्यक्ति ने बताया कि उनके गांव का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा तबाह हो चुका है और स्थानीय आबादी के लगभग 200 लोग अब भी लापता हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे लोगों को तिमुरे से बड़ी मुश्किल से बचाकर यहां लाया गया। हमारे गांव की स्थानीय आबादी में करीब 200 लोग अभी भी लापता हैं। करीब 80 प्रतिशत लोग गायब हैं और हममें से सिर्फ 20 प्रतिशत ही यहां पहुंच पाए हैं।

जो लोग काठमांडू या अन्य जगहों पर रह रहे थे, वे सुरक्षित हैं। हजारों लोग मारे गए हैं या लापता हैं। इस समय हालात बेहद खराब हैं।”

आपदा की भयावहता बताते हुए उन्होंने कहा कि लोग रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे, तभी अचानक बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया।

उन्होंने बताया, “लोग अपना सामान्य काम कर रहे थे।

बाढ़ इतनी भयानक थी कि पूरा गांव महज दो मिनट के भीतर बह गया। वहां से करीब आठ से दस लोगों को ही बचाया जा सका, बाकी सभी बह गए।”

उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मदद की अपील करते हुए कहा, “हम शून्य पर पहुंच गए हैं। हमारा घर, रोजी-रोटी का साधन, सब कुछ खत्म हो गया।”

नेपाल के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल त्रिशूली में एक स्थानीय निवासी ने बताया कि आपदा में उसका घर और दुकान पूरी तरह बर्बाद हो गए।

उसने आईएएनएस से कहा, “मेरा घर यहीं था, लेकिन सब कुछ पूरी तरह तबाह हो गया। पानी पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया और सब कुछ बर्बाद कर दिया। मेरी दुकान का सारा सामान पानी में बह गया। ऊपरी कमरों में भी पानी घुस गया था, हालांकि हम कुछ सामान बचाने में कामयाब रहे।”

उन्होंने बताया कि राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्र में पहुंच चुकी है और लोगों तक बांटी जा रही है।

वहीं, इंटरनेट और संचार सेवाएं बाधित होने से आपदा प्रभावित इलाकों का नेपाल के बाकी हिस्सों और दुनिया के दूसरे हिस्सों में रह रहे उनके परिवारों से संपर्क टूट गया है।

त्रिशूली में इंटरनेट सेवाएं बहाल करने में जुटे नेपाल टेलीकॉम के एक तकनीशियन ने आईएएनएस को बताया कि आपदा में संचार ढांचा पूरी तरह तबाह हो गया है।

उन्होंने कहा, “सब कुछ पूरी तरह नष्ट हो गया है। इसलिए हम इंटरनेट कनेक्शन बहाल करने के लिए नेपाल टेलीकॉम से यहां आए हैं। हमें अभी कुल नुकसान की विस्तृत जानकारी नहीं है, क्योंकि हम हाल ही में यहां पहुंचे हैं।”

तकनीशियन के मुताबिक, करीब 6 से 7 लाख रुपये मूल्य के उपकरण नष्ट हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि त्रिशूली इलाके में इंटरनेट सेवा आज या कल तक बहाल होने की उम्मीद है। हालांकि, इससे आगे के इलाकों में सेवाएं बहाल करने में कम से कम तीन दिन या उससे अधिक समय लग सकता है और फिलहाल इसकी कोई निश्चित समयसीमा बताना संभव नहीं है।

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