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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:58 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार में 51,600 करोड़ रुपए के निवेश के लिए एमओयू, स्टील हब बनाने पर सरकार का जोर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार में 51,600 करोड़ रुपए के निवेश के लिए एमओयू, स्टील हब बनाने पर सरकार का जोर

पटना। बिहार में औद्योगिक निवेश को गति देने की दिशा में गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में राज्य सरकार और देश के विभिन्न औद्योगिक समूहों के बीच करीब 51,600 करोड़ रुपए के निवेश के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। सरकार का दावा है कि इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

इस अवसर पर सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को जल्द धरातल पर उतारना है, ताकि बिहार में औद्योगिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार हो सके। उन्होंने कहा कि बिहार को देश के प्रमुख स्टील हब के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार काम कर रही है और इसके लिए स्टील एवं मेटल सेक्टर में बड़े निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही टेक्सटाइल, न्यूक्लियर एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग और फार्मा जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, जिन प्रमुख कंपनियों ने निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, उनमें श्याम स्टील मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड, शाकंभरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड, नक्षित आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड, श्री लंगटा बाबा मेटल्स एंड पावर लिमिटेड, अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड और श्री समृद्धि स्टील प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा ग्लोबल रिन्यूएबल एडवांस्ड क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में, जबकि अन्य कंपनियों ने टेक्सटाइल और संबंधित क्षेत्रों में निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग श्रम आधारित क्षेत्र है और इसके विस्तार से राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, विशेषकर न्यूक्लियर एनर्जी से जुड़े निवेश भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के विस्तार से किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने 'बिहार बिजनेस कनेक्ट-2026' की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से देश-विदेश के निवेशकों को बिहार में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने 'ब्यूल्ड एंड विलिव इन बिहार' को राज्य के औद्योगिक विकास का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि सरकार निवेशकों का विश्वास मजबूत करने और उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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