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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:56 · नई दिल्ली संस्करण

मोदी सरकार लाएगी 8 नए विधेयक: संसद के मानसून सत्र में कानून सुधारों की बड़ी पहल

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
मोदी सरकार लाएगी 8 नए विधेयक: संसद के मानसून सत्र में कानून सुधारों की बड़ी पहल

मोदी सरकार लाएगी 8 नए विधेयक: संसद के मानसून सत्र में कानून सुधारों की बड़ी पहल

नई दिल्ली, 20 जुलाई 2025 – संसद का मानसून सत्र इस बार खास होने जा रहा है, क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार 8 महत्वपूर्ण विधेयकों को प्रस्तुत करने की तैयारी में है। इन विधेयकों का उद्देश्य न केवल पुराने कानूनों को सरल बनाना है, बल्कि अर्थव्यवस्था, कराधान, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में सुधार लाना भी है। सूत्रों के मुताबिक, ये विधेयक नीतिगत पारदर्शिता, डिजिटल इंडिया मिशन, और ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

1. आयकर विधेयक, 2025 – 1961 के कानून की सरल और आधुनिक पुनर्रचना

इस विधेयक का उद्देश्य आयकर अधिनियम, 1961 को सरल बनाकर एक नया आयकर कानून लागू करना है। इसमें करदाताओं के लिए प्रक्रियाएं डिजिटल रूप से सहज बनाने, विवादों को कम करने और कर चुकाने में पारदर्शिता लाने के प्रावधान होंगे। सरकार चाहती है कि टैक्स अनुपालन आसान हो और कर प्रणाली में आम जनता का विश्वास बढ़े।

2. कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025

इस विधेयक के माध्यम से प्रत्यक्ष और परोक्ष करों से जुड़े विभिन्न अधिनियमों में संशोधन लाया जाएगा। यह जीएसटी अनुपालन, कालेधन पर रोक और विदेशी निवेशकों के लिए नियमों को स्पष्ट बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

3. डिजिटल डेटा संरक्षण विधेयक, 2025

तेजी से डिजिटल हो रही अर्थव्यवस्था के मद्देनज़र, सरकार एक नया डेटा संरक्षण कानून लाने जा रही है, जो नागरिकों की निजता की रक्षा करेगा और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर डेटा के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करेगा।

4. उच्च शिक्षा सुधार विधेयक

यह विधेयक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) जैसे निकायों को एकीकृत कर नई संस्था बनाने का प्रस्ताव रखता है। उद्देश्य है: उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और रोजगार-उन्मुख पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना।

5. यूनिफॉर्म सिविल कोड ड्राफ्ट बिल (UCC)

इस बहुप्रतीक्षित विधेयक के जरिए देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रस्ताव है, जिससे विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति बंटवारे के नियम सभी नागरिकों के लिए समान हो जाएं। यह विधेयक सामाजिक समरसता और लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

6. जनसंख्या नियंत्रण विधेयक (वैकल्पिक प्रोत्साहन मॉडल के साथ)

हालांकि यह विधेयक अनिवार्य नहीं है, लेकिन दो बच्चों की नीति को बढ़ावा देने के लिए वैकल्पिक प्रोत्साहनों जैसे सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता, टैक्स छूट और नौकरियों में अतिरिक्त वरीयता जैसे उपाय सुझाए गए हैं।

7. राष्ट्रीय सुरक्षा प्रबंधन विधेयक

यह विधेयक आतंकी फंडिंग, साइबर अपराध और सीमा-पार से हो रही घुसपैठ को रोकने के लिए नए ढांचे और समन्वय तंत्र के गठन का प्रावधान करता है।

8. चुनाव सुधार विधेयक

इस विधेयक में एक देश-एक चुनाव की अवधारणा को लागू करने की दिशा में पहला कदम उठाया जाएगा। साथ ही ई-वोटिंग, प्रत्याशी चयन में पारदर्शिता और खर्च नियंत्रण पर भी ध्यान दिया जाएगा।

विपक्ष की रणनीति और सत्तापक्ष की तैयारी

जहां विपक्ष इन विधेयकों पर गहन चर्चा और संशोधन की मांग करेगा, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा का फोकस ‘विकास और सुधार’ की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने पर रहेगा। मोदी सरकार इसे 2024 के लोकसभा चुनाव में मिले जनादेश का विस्तार मान रही है।मानसून सत्र 2025 में प्रस्तुत होने वाले ये विधेयक भारत के कानूनी और प्रशासनिक ढांचे में व्यापक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि इन्हें दोनों सदनों में पारित किया जाता है, तो यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की एक बड़ी विधायी उपलब्धि होगी, जो ‘न्यू इंडिया’ के विजन को साकार करने में मील का पत्थर बन सकती है।

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