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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:34 · नई दिल्ली संस्करण

मिजोरम के सीएम लालदुहोमा ने बैंकों से दूरदराज इलाकों में पहुंच बढ़ाने की अपील की

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मिजोरम के सीएम लालदुहोमा ने बैंकों से दूरदराज इलाकों में पहुंच बढ़ाने की अपील की

आइजोल। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सोमवार को बैंकों से राज्य के पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मिजोरम की लगभग 80 प्रतिशत आबादी आज भी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है, इसलिए कृषि विकास राज्य की समग्र प्रगति का मुख्य आधार है।

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी 2026-27 में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कुल 278 बैंक शाखाएं हैं, जिनमें से 180 शाखाएं केवल आइजोल, लुंगलेई और कोलासिब जिलों में स्थित हैं। वहीं शेष आठ जिलों में कुल मिलाकर केवल 95 शाखाएं हैं।

उन्होंने बैंकों से राज्यभर में बैंकिंग सेवाओं के समान वितरण की अपील की।

मुख्यमंत्री ने स्टेट फोकस पेपर 2026-27 जारी करते हुए कहा कि राज्य सरकार नाबार्ड के सहयोग से कई विकासात्मक योजनाएं लागू कर रही है और नाबार्ड मिजोरम के विकास में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभा रहा है।

स्टेट फोकस पेपर 2026-27 के अनुसार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए कुल 4,349.71 करोड़ रुपये का ऋण परिव्यय प्रस्तावित है। इसमें से 2,260.99 करोड़ रुपये कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए, 1,500.35 करोड़ रुपये एमएसएमई के लिए, 6.55 करोड़ रुपये निर्यात ऋण, 18.51 करोड़ रुपये शिक्षा, 432.35 करोड़ रुपये आवास क्षेत्र, 36.30 करोड़ रुपये सामाजिक अवसंरचना, 24.67 करोड़ रुपये नवीकरणीय ऊर्जा और 70 करोड़ रुपये अन्य क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं।

लालदुहोमा ने कहा कि नाबार्ड समर्थित परियोजनाओं से मिजोरम को काफी लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि सेरछिप जिले के थेंज़ावल में नाबार्ड की सहायता से स्थापित 10 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगभग पूरा होने वाला है, जबकि आइजोल जिले के सुमसुईह में 5 मेगावाट की एक और सौर परियोजना शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री रबर मिशन के तहत पिछले वर्ष 4.50 लाख रबर पौधे लगाए गए थे और इस वर्ष 11 लाख से अधिक पौधे लगाने की योजना है।

नवीनतम नीति आयोग सतत विकास सूचकांक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मिजोरम के बेहतर प्रदर्शन से राज्य के विकास प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पूर्वोत्तर क्षेत्र में हनाथियाल जिला पहले, चंफाई दूसरा और कोलासिब जिला नौवें स्थान पर रहा।

इस अवसर पर मिजोरम के मुख्य सचिव खिल्ली राम मीणा ने मुख्य भाषण दिया और नाबार्ड के सहयोग से विभिन्न क्षेत्रों में राज्य सरकार की पहलों और उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संगोष्ठी के कुशल आयोजन के लिए नाबार्ड की सराहना भी की।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की सचिव रामदिनलियानी ने भी संगोष्ठी को संबोधित किया, जिसके बाद प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक चर्चा सत्र आयोजित किया गया।

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