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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:43 · नई दिल्ली संस्करण

विदेश मंत्रालय ने वैश्विक समझौते के तहत सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन पर राष्ट्रीय परामर्श बैठक आयोजित की

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
विदेश मंत्रालय ने वैश्विक समझौते के तहत सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन पर राष्ट्रीय परामर्श बैठक आयोजित की

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) और भारतीय वैश्विक परिषद (आईसीडब्ल्यूए) के सहयोग से सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन (जीसीएम) पर राष्ट्रीय परामर्श बैठक का आयोजन किया।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। बताया कि 9 फरवरी को हुई ये परामर्श बैठक मई 2026 में होने वाले दूसरे अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन समीक्षा मंच (आईएमआरएफ) के लिए भारत की तैयारी का हिस्सा है।

उद्घाटन सत्र में सीपीवी और ओआईए सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन, संयुक्त राष्ट्र के निवासी समन्वयक स्टीफन प्रीसनर, विदेश विभाग के अतिरिक्त सचिव प्रशांत पिसे और आईओएम इंडिया के कार्यालय प्रमुख संजय अवस्थी उपस्थित थे।

बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, शिक्षाविदों, सिविल सोसाइटी और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए। यहां नियमित प्रवासन से संबंधित भारत की पहलों, अनुभवों और उभरती प्राथमिकताओं को साझा करने पर भी चर्चा हुई।

परामर्श तीन व्यापक विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित था: स्वैच्छिक, सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन सुनिश्चित करना; प्रवासियों के लिए संरक्षण, एकीकरण और सतत विकास परिणामों को सुदृढ़ करना; और प्रवासन पर मूल्य-आधारित, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना।

विचार-विमर्श में भारत की उन पहलों पर प्रकाश डाला गया जो जीसीएम के अधिकांश उद्देश्यों के अनुरूप हैं, जिनमें निष्पक्ष और नैतिक भर्ती, नियमित प्रवासन मार्गों को सुगम बनाना, प्रवासी कल्याण और शिकायत निवारण, लौटने वाले प्रवासियों का कौशल मानचित्रण, प्रवासी समुदाय की भागीदारी और डेटा-आधारित नीतिगत समर्थन शामिल हैं।

भारत 2018 में ही सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन के वैश्विक समझौते में शामिल हुआ, और 2022 में हुए पहले अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन समीक्षा मंच में हिस्सा लिया।

विदेश मंत्रालय ने ये भी बताया कि इस मौके पर प्रयास मैपिंग रिपोर्ट का विमोचन किया गया। यह रिपोर्ट आईओएम इंडिया की एमईए और आईसीडब्ल्यूए पार्टनरशिप का हिस्सा है। प्रयास भारत के कुशल युवाओं और छात्रों के माइग्रेशन पर फोकस करती है ताकि वे सुरक्षित और असरदार तरीके से विदेश में मिलने वाले अवसरों का लाभ उठा सकें।

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