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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:29 · नई दिल्ली संस्करण

आपातकाल भारतीय लोकतंत्र की निर्मम हत्या : मुख्यमंत्री

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
आपातकाल भारतीय लोकतंत्र की निर्मम हत्या : मुख्यमंत्री

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आपातकाल सिर्फ एक राजनीतिक निर्णय नहीं, वो भारतीय लोकतंत्र की निर्मम हत्या थी। सिर्फ एक परिवार की सत्ता बचाने के लिए, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्याय का आत्मबल, संविधान की आत्मा- सब कुछ बेरहमी से कुचल दिया गया। यह बातें मुख्यमंत्री ने आज आपातकाल की 50वीं बरसी पर दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा द्वारा महाराष्ट्र सदन में आयोजित मॉक पार्लियामेंट में लोकतंत्र की हत्या के उस काले अध्याय पर अपने विचार साझा करते हुए कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि 1975 में सिर्फ एक परिवार की सत्ता बचाने के लिए कांग्रेस सरकार ने पूरे देश को एक खुली जेल में तब्दील कर दिया था। हजारों देशभक्तों को बिना किसी मुकदमे के जेलों में डाल दिया गया। आज जो लोग संविधान की दुहाई देते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि भारत की आत्मा को सबसे गहरा आघात कांग्रेस की ही तानाशाही ने पहुंचाया था। उन्होंने कहा तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्याय और संविधान के मूल्यों का गला घोंटकर संविधान की हत्या कर दी थी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नारीशक्ति, राष्ट्रशक्ति बन रही है। महिलाओं को आवास, शौचालय, गैस कनेक्शन और स्वच्छ जल जैसी बुनियादी सुविधाएं मिली हैं। मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति और महिलाओं को संसद एवं विधानसभाओं में 33 फीसद आरक्षण के माध्यम से लोकतंत्र में बराबरी की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। अब समय है हम महिलाएं न केवल जागरूक बनें, बल्कि जिम्मेदारी लें और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं। इस प्रेरक अवसर पर दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष रिचा पांडेय सहित अनेक प्रेरणादायी महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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