आरजेडी एमएलसी रामबली चंद्रवंशी की सदस्यता रद्द
पटना। आरजेडी के एमएलसी रामबली चंद्रवंशी की सदस्यता विधान पार्षद से रद्द कर दी गई है। विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर ने इस संबंध में अपना फैसला सुना दिया है। बता दें कि 11 नवंबर 2023 को सदन में राजद के उप मुख्य सचेतक सुनील कुमार सिंह ने सभापति को पत्र लिखा और रामबली की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की थी।सुनील सिंह ने रामबली चंद्रवंशी पर पार्टी के खिलाफ गतिविधि करने का आरोप लगाया था। इसके बाद विधान पार्षद ने दोनों का पक्ष सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब फैसला जारी कर दिया गया है।दरअसल, राजद एमएलसी रामबली चंद्रवंशी ने अति पिछड़ा आरक्षण पर सवाल उठाए थे। इसके साथ ही सीएम नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के खिलाफ बयान भी दिया था। इससे उन्हें पार्टी की ओर से नोटिस भी भेजा गया था। नवंबर 2023 में औरंगाबाद के एक कार्यक्रम में चंद्रवंशी ने कहा था कि नीतीश कुमार अति पिछड़ा वोट के जरिए पिछले 18 सालों से बिहार के सियासत का सिरमौर बने हैं। लेकिन अति पिछड़ों का गला काटने का काम किया है। अति पिछड़ा की आबादी 36 प्रतिशत है, जिन्हें नौकरियों में मात्र 13 फीसदी हिस्सेदारी है।नीतीश कुमार ने तीन जातियों को अति पिछड़ा में शामिल किया हैं। इस मुद्दे को लेकर लालू प्रसाद यादव के पास गए थे, लेकिन उनकी हिम्मत नीतीश कुमार से बात करने की नहीं हुई। अति पिछड़ों के लिए कर्पूरी ठाकुर ने अपनी जान की परवाह नहीं की थी। आज अति पिछड़ा समाज भिखारी हो गया है।उन्होंने कहा था कि 2015 में नीतीश कुमार ने तेली जाति को अति पिछड़ा बना दिया। ये वही कास्ट है, जो बिहार में सबसे ज्यादा टैक्स भरता है। नीतीश कुमार ने उसे अति पिछड़ा बना दिया।





