तेलंगाना के संगारेड्डी में सिगाची फार्मा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, मृतकों की संख्या पहुंची 34

तेलंगाना के संगारेड्डी में सिगाची फार्मा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, मृतकों की संख्या पहुंची 34
एसपी परितोष पंकज ने दी जानकारी, कंपनी ने 90 दिन के लिए बंद की गतिविधियाँ
संगारेड्डी (तेलंगाना), 1 जुलाई 2025 — तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में सोमवार सुबह सिगाची फार्मा इंडस्ट्रीज में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस हादसे में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। संगारेड्डी के पुलिस अधीक्षक (SP) परितोष पंकज ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
हादसे के तुरंत बाद जिला प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के बाद राहत टीमों ने फैक्ट्री परिसर से शवों और घायलों को निकाला। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
कंपनी ने की 90 दिनों की अस्थायी बंदी की घोषणा
सिगाची फार्मा कंपनी ने इस घटना के बाद एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कंपनी की तमाम गतिविधियां 90 दिनों के लिए निलंबित की जा रही हैं, ताकि फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जा सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। कंपनी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
जांच के आदेश, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
एसपी परितोष पंकज ने बताया कि इस मामले में आपराधिक लापरवाही की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, फैक्ट्री के एक रिएक्शन यूनिट में तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह विस्फोट हुआ, लेकिन सटीक कारणों का पता विशेषज्ञों की टीम द्वारा की जा रही जांच से ही चलेगा। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय का माहौल
इस दर्दनाक हादसे ने स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है। इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री में पहले भी छोटी घटनाएं हो चुकी थीं, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।
संगारेड्डी का यह हादसा मानव जीवन की सुरक्षा को लेकर हमारी लापरवाही का एक कटु प्रतीक बन गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और कंपनी मिलकर दोषियों के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाते हैं, और भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए क्या नीति बनाई जाती है। फिलहाल, मृतकों के परिवारों को न्याय और पीड़ितों को समुचित उपचार देना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।





