जबलपुर : समाज की विकृति, 13 साल की नाबालिग का कर दिया विवाह
जबलपुर
, मझौली थाना क्षेत्र में एक 13 साल की एक नाबालिक बेटी के
विवाह की बात सामने आ रही है। पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के
प्रतिवेदन पर मामला दर्ज कर लिया है। बालिका के विवाह के बाद गांव वालों ने
भारी विरोध किया था एवं संबंधित विभाग सहित थाने में फोटो आदि प्रस्तुत कर
शिकायत की थी। मामले के बारे में बताया जा रहा है कि पनागर की भरदा ग्राम
पंचायत में दुबे परिवार ने अपनी 13 साल की बेटी का विवाह सिहोरा के रहने
वाले चौबे परिवार के 20 साल के युवक से तय कर दिया था।
युवक के
परिवार वालों ने लड़की की उम्र पता होने के बावजूद इस विवाह की सहमति दी और
फिर मझौली थाना क्षेत्र के कटाव जहां पर मंदिर हैं पर जाकर 15 मई को शादी
कर दी गई। शादी के बाद जब विरोध होना शुरू हुआ और शिकायत पुलिस तक पहुंची
तो लड़की के परिवार वालों ने पूछताछ के दौरान झूठा बयान दिया एवं यह कहा
गया की कथा कराई गई थी विवाह नहीं हुआ। इसके बाद महिला एवं बाल कल्याण
विभाग ने भी इस मामले को दबाने का भरपूर प्रयास किया वहीं पुलिस की इस
मामले को लेकर शिथिलता भी सोचनीय रही। इतना ही नहीं इस मामले में जबलपुर के
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने भी बाकायदा यह बयान दिया था की
महिला एवं बाल विकास के द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में इस बाल विवाह की
पुष्टि नहीं हुई है, परंतु मीडिया के हस्तक्षेप और गांव वालों के विरोध के
चलते आखिरकार पुलिस को उन साक्ष्यों को मानना पड़ा। प्रस्तुत किए गए इन
सबूतो में स्पष्ट दिख रहा है की दोनों की शादी मंदिर में संपन्न हुई है।
जिसमें बकायदा नाबालिक, शादी के लाल जोड़े में बैठी है एवं उसके बाजू में
बैठा युवा दूल्हे के वेश में बैठा हुआ है।
बहरहाल जो भी हो परंतु
आजादी के बाद भी समाज की विकृति अभी तक नहीं जा पाई है। ऐसे लोग जो आज भी
इस तरह की कुप्रथा के पालक है समाज में निंदनीय है। इस सब घटनाक्रम में
जिम्मेदारों के द्वारा की गई गलतियां भी नजअंदाज नहीं की जा सकती। जैसे
थाना प्रभारी और महिला बाल विकास अधिकारी ने मीडिया के सामने कैमरे में
नाबालिक का नाम उजागर किया जो कि कानूनन अपराध है। जिम्मेदारों के ऐसे
कृत्य पर अब देखना है कि अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं।





