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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:29 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार के चुनावी रण में इस बार कई 'योद्धाओं' के कटेंगे टिकट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार के चुनावी रण में इस बार कई 'योद्धाओं' के कटेंगे टिकट

पटना। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) हो या महागठबंधन, अब तक दोनों गठबंधनों में सीट बंटवारे को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी है। दोनों गठबंधनों में सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है, लेकिन राजद और भाजपा ने अपने कई पुराने योद्धाओं को 'बे-टिकट' करने का फैसला ले लिया है।

भाजपा के सूत्रों का दावा है कि कई मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों के टिकट कट सकते हैं। राजद सूत्रों के मुताबिक, डेढ़ दर्जन से अधिक मौजूदा विधायकों का टिकट काटने की तैयारी चल रही है।

राजद नेतृत्व का मानना है कि संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच नए उत्साह का संदेश देने के लिए पुराने चेहरों की जगह नए उम्मीदवारों को मौका देना जरूरी है। राजद के एक नेता की मानें तो इस बार राजद नेतृत्व 'नाम नहीं, काम पर' उम्मीदवारों का चयन कर रहा है। ऐसे में तय है कि कुछ पुराने लोगों के टिकट कटेंगे और नए चेहरे देखने को मिलेंगे।

राजद सूत्रों का यह भी कहना है कि पाला बदलकर आने वालों को टिकट मिल जाए, ऐसा नहीं है। पार्टी प्रमुख लालू यादव और तेजस्वी यादव ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि वफादारी और जनसंपर्क को टिकट वितरण का प्रमुख आधार बनाया जाएगा।

प्रत्येक सीट पर स्थानीय समीकरणों की समीक्षा कर उम्मीदवारों के कार्यों के आधार पर टिकट तय किया जाएगा।

इधर, भाजपा और जदयू में भी कई विधायकों के टिकट पर तलवार लटक रही है। जदयू और भाजपा इस चुनाव में टिकट वितरण के लिए 'एंटी-इनकंबेंसी' को प्रमुखता से ले रही हैं। बिना परफॉर्मेंस वाले विधायकों और क्षेत्र में नाराजगी वाले विधायकों का पत्ता साफ होना तय माना जा रहा है। कई सीटों पर दोनों पार्टियां नए चेहरों को मौका दे सकती हैं।

भाजपा की बुधवार को हुई चुनाव समिति की बैठक के बाद मिली जानकारी के मुताबिक, पार्टी इस बार चुनाव में अपने एक तिहाई से ज्यादा विधायकों के टिकट काट सकती है। बताया गया कि इन विधायकों के टिकट कटने के पीछे जनता की नाराजगी, एंटी-इनकंबेंसी, अधिक उम्र, पार्टी और सहयोगी दलों के नेताओं का विरोध व करप्शन के आरोप जैसे मुद्दों पर विचार किया गया है।

वैसे, अभी राजनीतिक दलों के कार्यालयों में टिकट मांगने वालों की बड़ी भीड़ जुट रही है और वे टिकट को लेकर जुगाड़ लगा रहे हैं। वैसे यह तय है कि पहले गठबंधन में सीट बंटवारे के बाद ही उम्मीदवारों को लेकर तस्वीर साफ होगी।

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