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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:18 · नई दिल्ली संस्करण

उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मनोज जोशी, भस्म आरती में की पूजा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मनोज जोशी, भस्म आरती में की पूजा

उज्जैन। फिल्म अभिनेता मनोज जोशी ने शुक्रवार तड़के मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पहुंचकर प्रातःकालीन भस्म आरती में भाग लिया। उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन किए। करीब ढाई घंटे तक मंदिर में रहकर रुद्रपाठ सुनने और भस्म आरती के दिव्य वातावरण का हिस्सा बनने के बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भगवान महाकाल की शक्ति और अनुभूति को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।

जोशी ने विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के बाबा महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में शामिल हुए। वह रात करीब 3 बजे ही मंदिर परिसर पहुंच गए और सुबह 5:30 बजे तक वहां मौजूद रहे।

भस्म आरती के समापन पर मनोज जोशी ने भगवान महाकाल के चरणों में शीश नवाकर देश और समाज के कल्याण की मंगल कामना की। अभिनेता के मंदिर आगमन पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने उनका औपचारिक स्वागत किया। भस्म आरती संपन्न होने के पश्चात मंदिर समिति द्वारा मनोज जोशी को भगवान महाकाल का प्रसाद और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

रजत मुकुट-त्रिशूल से सजे बाबा महाकाल

भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विधि-विधान से पूजन और आकर्षक शृंगार किया गया। गर्भगृह के पट खुलने के बाद भगवान का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और विभिन्न आभूषणों से बाबा महाकाल को सजाया गया।

सबसे पहले सभा मंडप में वीरभद्रजी के कान में स्वस्ति वाचन किया गया। इसके बाद घंटी बजाकर भगवान से आज्ञा ली गई और सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए। गर्भगृह के पट खुलने पर पुजारियों ने बाबा महाकाल का पिछला शृंगार उतारा और पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती की। इसके बाद नंदी हॉल में नंदीजी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। भगवान महाकाल का जल से अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया।

पंचामृत पूजन के बाद बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया। भगवान को भस्म, भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट अर्पित किए गए। इसके साथ ही रजत चंद्र, त्रिशूल और मुकुट धारण कराया गया। बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला पहनाई गई।

सुगंधित फूलों से बनी माला से भी भगवान का श्रृंगार किया गया। इसके बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारों से गूंज उठा।

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