भाजपा के सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की साजिशों का भंडाफोड़ करेगी माले
पटना। 75वें वर्ष में प्रवेश करते हुए भारतीय गणतंत्र को अब तक की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। राम मंदिर उद्घाटन की आड़ में भाजपा न केवल पूरे देश में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की साजिश रच रही है बल्कि 22 जनवरी को हिंदू राष्ट्र के स्थापना दिवस के बतौर स्थापित कर 26 जनवरी के ऐतिहासिक महत्व को ही धूमिल करना चाहती है। इसके जरिए भाजपा देश के लोकतांत्रिक व धर्मनिपरेक्ष चरित्र को ही बदल देना चाहती है। राममंदिर के उद्घाटन को भाजपा ने अपने चुनावी अभियान का हथियार बना लिया है। उक्त बातें रविवार को संवाददाता सम्मेलन को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा, राजाराम सिंह, शशि यादव, वरिष्ठ नेता केडी यादव एवं ऐपवा महासचिव मीना तिवारी ने कहा।
नेताओं ने कहा कि भाकपा-माले ने देश के गणतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को बचाने के लिए पूरे बिहार में संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ जनअभियान चलाने का निर्णय किया है। इसके तहत 24 से 30 जनवरी तक गांव-गांव पदयात्रा होगी। विदित हो कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कपूर्री ठाकुर का जन्मशती वर्ष है। उनके जन्म दिन 24 जनवरी से उनके गृह जिला से इस अभियान की शुरूआत होगी, जिसमें पार्टी महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य शामिल होंगे। 26 जनवरी को पूरे राज्य में संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया जाएगा और जिला मुख्यालयों पर तिरंगा मार्च किया जाएगा। इस अभियान के तहत विभिन्न जिलों में सघन पदयात्रा का कार्यक्रम लिया गया है। 30 जनवरी को गांधी जी के शहादत दिवस पर आरा में संकल्प सभा होगी, जिसमें भी माले महासचिव भाग लेंगे। अपने इस अभियान के जरिए पार्टी भाजपा के सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की साजिशों का भंडाफोड़ करेगी और लोकतंत्र व संविधान को बचाने के अभियान को जन-जन तक पहुंचाएगी।
उक्त नेताओं ने आगे कहा कि पार्टी का मानना है कि इंडिया गठबंधन के वैचारिक केंद्र में भाकपा-माले है, इसलिए सीट शेयरिंग में उसकी सम्मानजनक हिस्सेदारी होनी चाहिए, भाकपा माले ने 5 सीटों की लिस्ट राजद को सौंपी थी और एक बार फिर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिलकर उस पर अपनी दावेदारी दुहराई है। कहा कि इस बार का लोकसभा चुनाव बदली हुई राजनीतिक परिस्थति में हो रही है, इसलिए सीटों की शेयरिंग भी नए ढंग से होनी चाहिए।





