मकर संक्रांति 15 जनवरी को, 16 से शुरू होंगे मांगलिक कार्य, झारखंड में मनेगा टुसू पर्व
रांची।
मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को मनाया जायेगा। साथ ही मांगलिक कार्य शुरू हो जायेंगे। एक माह के बाद सूर्य देव के उत्तरायण होते ही शहनाई गूंजने लगेगी। सनातनी दही-चूड़ा और खिचड़ी ग्रहण कर विभिन्न संस्कार के साथ नये कार्यों का शुभारंभ भी करेंगे।
इस संबंध में पंडित रामदेव पाण्डेय ने बताया कि सोमवार को सूर्य देव तड़के दो बजकर 54 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। अत: उदया तिथि के अनुसार, मकर संक्रांति का मान सोमवार को होगा। इसका पुण्यकाल सुबह 07:15 मिनट से शाम 06: 21 मिनट तक और महा पुण्यकाल प्रातः 07:15 मिनट से पूर्वाह्न 09: 06 मिनट तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि महा पुण्यकाल में गंगा स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान करके भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। जीवन में सुख-सौभाग्य बना रहता है। उन्होंने बताया कि गंगा स्नान न कर पाने की स्थिति में जल में तिल डालकर स्नान करना भी श्रेयष्कर होगा।
वैसे तो मकर संक्रांति का पर्व देशभर में विभिन्न नामों से मनाया जायेगा। दक्षिण भारत में पोंगल, पंजाब में इसे लोहड़ी और असम में माघ बिहू पर्व के रूप में मनाया जाता है लेकिन झारखंड में यह त्योहार टुसू पर्व के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन कई ग्रामीण इलाकों में टुसू मेला लगता है। इसमें बड़ी संख्या में लोगबाग इसमें भाग लेकर खुशियां मनाते हैं। फसल काटने के बाद मनाया जाने वाला यह पर्व सबके लिए अलग महत्व रखता है।
विवाह के शुभ मुहूर्त
जनवरी – 16, 17, 20, 21, 22, 27, 28, 30 और 31
फरवरी – 04, 06, 07, 08, 12, 13, 17, 24, 25, 26 और 29
मार्च – 01, 02, 03, 04, 05, 06, 07, 10, 11, 12





