कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर दिल्ली सरकार की बड़ी तैयारी — मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, बोले: “श्रद्धालुओं की सेवा ही सच्ची जनसेवा है”

कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर दिल्ली सरकार की बड़ी तैयारी — मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, बोले: “श्रद्धालुओं की सेवा ही सच्ची जनसेवा है”
नई दिल्ली, 12 जुलाई 2025
दिल्ली सरकार ने कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर अभूतपूर्व तैयारी और संवेदनशीलता के साथ एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, वरिष्ठ नेता कपिल मिश्रा, पुलिस, स्वास्थ्य, सफाई, ट्रैफिक और बिजली विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजधानी में कांवड़ यात्रा के सुचारू, सुरक्षित और श्रद्धापूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करना था।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए कि कहीं भी शिवभक्तों को असुविधा न हो, और हर स्तर पर व्यवस्था इतनी सुदृढ़ हो कि श्रद्धा और सुशासन का आदर्श मॉडल प्रस्तुत हो सके। उन्होंने कहा, “कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार के लिए सेवा, समर्पण और सहभागिता का पर्व है। शिवभक्तों की सेवा, सच्चे अर्थों में जनसेवा है।”
सिंगल विंडो सिस्टम से रफ्तार और पारदर्शिता
दिल्ली सरकार ने इस वर्ष 374 पंजीकृत कांवड़ समितियों को केवल 48 घंटे में सिंगल विंडो सिस्टम के ज़रिए अनुमति प्रदान की है। इससे आयोजन समितियों को अनावश्यक दौड़-धूप से मुक्ति मिली है और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी है। प्रत्येक समिति को दिए जा रहे आर्थिक सहयोग को भी DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजा जा रहा है, जिसमें 50% राशि आयोजन से पूर्व और शेष बाद में हस्तांतरित की जाएगी।
शिविरों को मुफ्त बिजली और सुविधाओं में बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक शिविर को 1200 यूनिट मुफ्त बिजली, सरल और त्वरित मीटर कनेक्शन, तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में 75% की छूट दी गई है। यह फैसला यात्रा समितियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उन्हें समर्पित सेवाएं प्रदान करने के लिए लिया गया है।
सुरक्षा, स्वास्थ्य और सफाई – सभी स्तरों पर पुख्ता इंतज़ाम
बैठक में यह भी तय किया गया कि यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रण, पुलिस सुरक्षा, चिकित्सा सेवाएं और सफाई व्यवस्था को हर पल निगरानी में रखा जाएगा। संबंधित विभागों को यात्रियों के पड़ाव स्थलों पर चलंत एंबुलेंस, मोबाइल टॉयलेट्स, पीने के पानी की व्यवस्था, और सीसीटीवी निगरानी की पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
"श्रद्धा, सेवा और सुशासन — यही यात्रा की आत्मा है"
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार इस यात्रा को राज्य और समाज की सहभागिता के रूप में देखती है। उन्होंने कहा, “कांवड़ यात्रा दिल्ली की संस्कृति, एकता और सेवा भावना का दर्पण है। हमारा प्रयास है कि यह यात्रा पूरी गरिमा, सुरक्षा और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हो। हर शिवभक्त को यह अनुभव हो कि दिल्ली वास्तव में ‘दिल वालों की’ नगरी है, जहां आस्था का सम्मान और सेवा का समर्पण सर्वोपरि है।”
कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने भी प्रशासन की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था सुनियोजित, डिजिटल और जवाबदेही से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार ने इस बार दिखा दिया है कि आस्था को प्रशासनिक प्रतिबद्धता के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है।” वहीं कपिल मिश्रा ने कहा, “यह कोई राजनीति नहीं, बल्कि धर्म और कर्तव्य की साझेदारी है। कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन हमें सांस्कृतिक चेतना और जन सहभागिता का रास्ता दिखाते हैं।”
दिल्ली बनी श्रद्धा और सेवा का संगम
दिल्ली सरकार की यह व्यापक योजना, सुविधाओं और संवेदनशीलता से भरपूर तैयारी, यह दर्शाती है कि राजधानी आस्था और व्यवस्था के अद्भुत संतुलन की मिसाल बन चुकी है। लाखों शिवभक्त जो हरिद्वार से जल लाकर कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली से गुजरते हैं, उन्हें इस वर्ष पहले से अधिक सम्मान, सुविधा और सुरक्षा का अनुभव होगा।
मुख्यमंत्री के शब्दों में, “हर हर महादेव का उद्घोष तभी सार्थक होगा, जब श्रद्धालु को सेवा और सम्मान साथ मिले।”





