बुआ और भतीजे की अनबन: आकाश आनंद फिर पदमुक्त, बायो में 'सपोर्टर' लिखते ही पार्टी से छुट्टी की अटकलें तेज

आगामी पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है। बीजेपी-कांग्रेस समेत सभी पार्टियां अपनी-अपनी तैयारी में जुट गई हैं। वहीं यूपी में भी सीएम योगी चुनाव को लेकर कई घोषणाएं भी कर चुके हैं और तैयारियों को लेकर राहुल गांधी भी यूपी का दौरा कर चुके हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं को जी जान से जुटने का मंत्र दे चुके हैं। सपा भी चुनाव की तैयारी में जुटी है तो वहीं बसपा भी इस बार नए ताकत के साथ चुनाव तैयारी कर रही है। इसको लेकर उसने कई बदलाव भी किए हैं।
विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वहीं बहुजन समाज पार्टी में काफी हलचल है। हाल ही में बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को नेशनल को-ऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया है तो वहीं अब आकाश आनंद ने अपना सोशल मीडिया बायो बदल लिया है। आकाश आनंद ने कोऑर्डिनेटर की जगह बसपा वर्कर लिख लिया है, लेकिन अब उन्होंने बसपा वर्कर से बसपा सपोर्टर कर दिया है। ऐसे में राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं कि मायावती ने आकाश आनंद को अब पार्टी से बाहर कर दिया है। आकाश को साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपना उत्तराधिकार घोषित करते हुए नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाकर पार्टी में अपने बाद सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी थी।
लोकसभा चुनाव के दौरान ही मायावती ने उन्हें अपरिपक्व बताकर नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया. हालांकि लोकसभा चुनाव के खत्म होने के बाद फिर से उन्हें जिम्मेदारी दी गई। दरअसल, पिछले हफ्ते गुरुवार को जो कुछ भी हुआ, उसका संकेत रविवार को हुई बैठक में मिल गया। बीते गुरुवार को मायावती ने आकाश आनंद को अपरिपक्व बताते हुए नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया लेकिन उससे पहले के आकाश आनंद पार्टी की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि रविवार को ही आकाश आनंद पर फैसला ले लिया गया था। आकाश आनंद पार्टी में पैठ बनाने के साथ-साथ बुआ के सामने अपना इंप्रेशन नहीं जमा पा रहे हैं। क्योंकि एक-दो बार नहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को 6 बार फैसला बदला है।
बता दें साल 2025 के मार्च में आकाश आनंद को संगठन के सभी पदों से हटाकर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। हालांकि जब आकाश आनंद ने सार्वजनिक माफी मांगी तो फिर से पार्टी में शामिल किया गया। मई में आकाश को फिर चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद मिला, लेकिन हाल ही में मायावती ने आकाश आनंद को फिर से नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया। अब देखना है कि मायावती आने वाले यूपी समेत अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों की जिम्मेदारी किसे सौंपेंगी क्योंकि उन्होंने गठबंधन से इनकार किया है और वह अकेले ही चुनाव लड़ने की बात कह चुकी हैं।



