मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:16 · नई दिल्ली संस्करण

राघोपुर में गंगा कटाव के खिलाफ बड़ा अभियान, नदी के रास्ते पहुंचे दो मालवाहक जहाज

जिले के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत राघोपुर इलाके में गंगा नदी के विनाशकारी कटाव को थामने के लिए जल संसाधन विभाग ने एक बेहद अनूठी और आपातकालीन रणनीति अपनाई है।

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन37 बार पढ़ा गया
राघोपुर में गंगा कटाव के खिलाफ बड़ा अभियान, नदी के रास्ते पहुंचे दो मालवाहक जहाज

जिले के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत राघोपुर इलाके में गंगा नदी के विनाशकारी कटाव को थामने के लिए जल संसाधन विभाग ने एक बेहद अनूठी और आपातकालीन रणनीति अपनाई है।

गंगा की तेज धारा जब तटवर्ती उपजाऊ जमीनों और घनी आबादी को निगलने पर आमादा हुई, तो विभाग ने पारंपरिक रास्तों को छोड़ पानी के रास्ते ही सीधा मोर्चा खोल दिया है। कटावरोधी कार्य को गति देने के लिए इतिहास में पहली बार दो बड़े मालवाहक जहाजों को मैदान में उतारा गया है।

इन विशाल जहाजों के माध्यम से भारी मात्रा में कटावरोधी और फ्लड फाइटिंग सामग्री को नदी के रास्ते सीधे अतिसंवेदनशील कटाव स्थल तक पहुंचाया जा रहा है। हाल के दिनों में गंगा के प्रवाह में अप्रत्याशित बदलाव के कारण राघोपुर क्षेत्र में भीषण कटाव देखा जा रहा है। स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई कि सड़कों के जरिए कटाव स्थल तक सामग्री पहुंचाना लगभग असंभव हो गया था। ऐसे में जल संसाधन विभाग ने तुरंत आपदा प्रबंधन के तहत इस अनोखी रणनीति पर अमल किया।

अधिकारियों के मुताबिक, इन मालवाहक जहाजों के इस्तेमाल से न सिर्फ समय की भारी बचत हो रही है, बल्कि उस जगह पर सीधे बोल्डर और जियो बैग गिराए जा रहे हैं, जहां धारा का सबसे ज्यादा दबाव है।

स्थानीय ग्रामीणों और अभियंताओं का कहना है कि क्षेत्र में बाढ़ और कटाव के इतिहास में यह पहली बार है जब इतने बड़े जहाजों को फ्लड फाइटिंग के काम में लगाया गया है। विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर और अधिकारी चौबीसों घंटे मौके पर कैंप कर रहे हैं।

इस नई तकनीक और रणनीति से उन इलाकों को बचाने की उम्मीद जग गई है, जो पूरी तरह नदी में विलीन होने की कगार पर पहुंच चुके थे। प्रशासन का दावा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव आधुनिक और त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें