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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:00 · नई दिल्ली संस्करण

शाहदरा साइबर पुलिस का बड़ा खुलासा, 1.56 करोड़ के ऑनलाइन निवेश ठगी रैकेट में दो गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
शाहदरा साइबर पुलिस का बड़ा खुलासा, 1.56 करोड़ के ऑनलाइन निवेश ठगी रैकेट में दो गिरफ्तार

नई दिल्ली। शाहदरा जिले की साइबर पुलिस ने करीब 1.56 करोड़ रुपए के ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने और उनके जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने में मदद कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, यह मामला दिल्ली के जीटीबी एन्क्लेव निवासी एक महिला की शिकायत के बाद सामने आया। महिला ने साइबर थाना शाहदरा में ई-एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अप्रैल 2026 के दौरान उसे टेलीग्राम पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया।

विज्ञापन के लिंक पर क्लिक करने के बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले लोगों ने उसे भारी मुनाफे और सुरक्षित निवेश का भरोसा दिलाया।

जालसाजों के झांसे में आकर महिला ने अलग-अलग चरणों में कुल 21 लाख रुपए निवेश कर दिए। जब उसने अपने निवेश की राशि और मुनाफा वापस लेने की कोशिश की तो आरोपियों ने न तो कोई भुगतान किया और न ही उसका जवाब दिया। बाद में महिला को टेलीग्राम ग्रुप से भी हटा दिया गया, जिसके बाद उसे अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एचसी धनेश, एचसी अनुज, एचसी विकास और एचसी महिपाल शामिल थे। तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग ट्रेल और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा और मुरादाबाद में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 32 वर्षीय मोहम्मद सादिक निवासी मुरादाबाद और 34 वर्षीय जावेद अंसारी निवासी अमरोहा के रूप में हुई है।

पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे जानबूझकर साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम प्राप्त करने, उसे विभिन्न खातों में घुमाने और उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से अपने अन्य साथियों के संपर्क में रहते थे और विभिन्न राज्यों में फैले साइबर ठगी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन, आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड बरामद किए हैं।

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