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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:47 · नई दिल्ली संस्करण

विजिनजम बंदरगाह को बड़ी सौगात, 18 अगस्त से शुरू होगा कार्गो संचालन

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
विजिनजम बंदरगाह को बड़ी सौगात, 18 अगस्त से शुरू होगा कार्गो संचालन

तिरुवनंतपुरम। केरल का विजिनजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह 18 अगस्त से पूर्ण रूप से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (एक्सिम) कार्गो संचालन शुरू करने जा रहा है। इसके साथ ही देश का यह नया गहरे समुद्र वाला बंदरगाह केवल अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के विदेशी व्यापार के लिए एक प्रमुख गेटवे पोर्ट के रूप में भी काम करेगा।

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन 18 अगस्त को औपचारिक रूप से एक्सिम कार्गो संचालन का शुभारंभ करेंगे। इसे केरल की सबसे बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक विजिनजम बंदरगाह के विकास का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।

अब तक विजिनजम बंदरगाह केवल अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में कार्य कर रहा था, जहां बड़े मालवाहक जहाजों (मदर वेसल) से कंटेनरों को छोटे फीडर जहाजों में स्थानांतरित किया जाता था। 18 अगस्त से यह बंदरगाह भारतीय आयात और निर्यात से जुड़े कार्गो की भी आवाजाही संभालेगा। इससे केरल और आसपास के राज्यों के कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं तक सीधी पहुंच मिलेगी।

कोच्चि के कस्टम (प्रिवेंटिव) आयुक्त ने एक्सिम कार्गो संचालन के लिए विस्तृत संचालन ढांचा जारी किया है।

इसमें शिपिंग कंपनियों, निर्यातकों, आयातकों, कस्टम ब्रोकरों, टर्मिनल ऑपरेटरों और लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं के लिए कस्टम नियमों और परिचालन प्रक्रियाओं का उल्लेख किया गया है।

चूंकि अभी कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) पूरी तरह चालू नहीं हुआ है, इसलिए शुरुआत में चरणबद्ध तरीके से सेवाएं शुरू की जाएंगी।

आयात के तहत फिलहाल केवल फुल कंटेनर लोड (एफसीएल) वाले कंटेनरों की डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी (डीपीडी) की अनुमति होगी। आयातकों को कंटेनर 48 घंटे के भीतर सीधे अपने परिसर तक ले जाना होगा। लेस दैन कंटेनर लोड (एलसीएल) कार्गो या ऐसे कंटेनर जिन्हें सीएफएस में खोलकर जांच की आवश्यकता होगी, उन्हें शुरुआती चरण में अनुमति नहीं मिलेगी।

निर्यात के लिए केवल फैक्टरी में भरे गए और स्वयं या कस्टम द्वारा सील किए गए एफसीएल कंटेनर ही डायरेक्ट पोर्ट एंट्री (डीपीई) के तहत स्वीकार किए जाएंगे। पोर्ट परिसर में पैकिंग या जांच की आवश्यकता वाले ढीले माल को फिलहाल स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कस्टम विभाग ने विजिनजम और इनलैंड कंटेनर डिपो, विशेष आर्थिक क्षेत्र, लैंड कस्टम स्टेशन तथा अन्य अधिसूचित कस्टम केंद्रों के बीच सड़क मार्ग से कंटेनर परिवहन की भी अनुमति दी है।

प्रत्यक्ष आयात-निर्यात सेवाओं की शुरुआत विजिनजम बंदरगाह के लिए अब तक की सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। इससे बंदरगाह केवल ट्रांसशिपमेंट केंद्र ही नहीं, बल्कि एक व्यापक समुद्री लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी उभरेगा और वैश्विक शिपिंग नेटवर्क में केरल की भूमिका और मजबूत होगी।

यह अवसर राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विजिनजम परियोजना के विभिन्न चरणों में ऊम्मन चांडी की सरकार ने इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ाया, पिनराई विजयन के कार्यकाल में बंदरगाह का निर्माण पूरा हुआ और इसे अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में शुरू किया गया। अब वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में यह बंदरगाह पूर्ण आयात-निर्यात संचालन के नए चरण में प्रवेश करेगा।

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