मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:48 · नई दिल्ली संस्करण

धारचूला में सेना का बड़ा रेस्क्यू, क्षतिग्रस्त पुल से 300 लोगों को सुरक्षित निकाला

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
धारचूला में सेना का बड़ा रेस्क्यू, क्षतिग्रस्त पुल से 300 लोगों को सुरक्षित निकाला

नई दिल्ली। धारचूला में कुलागाड़ पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद भारतीय सेना ने 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। यहां कुमाऊं स्काउट्स ने 7 घंटे से ज्यादा चले अभियान में तेज बहाव के बीच फंसे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित निकाला।

भारतीय सेना के अनुसार, तवाघाट के पास कुलागाड़ पुल को नुकसान पहुंचने की सूचना मिलते ही कुमाऊं स्काउट्स की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत टुकड़ी को सक्रिय किया गया। यह कार्रवाई धारचूला के स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर शुरू की गई। सेना की बचाव टीम कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गई।

पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण बड़ी संख्या में लोग तेज बहाव वाली जलधारा के दूसरी ओर फंस गए थे। तेज बहाव के बीच ही यहां बचाव अभियान शुरू किया गया।

घटनास्थल पर पहुंचते ही जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और जलधारा के आर-पार रस्सियां बांधकर व सीढ़ी की सहायता से बचाव अभियान शुरू किया।

तेज बहाव के बीच जवानों ने सावधानीपूर्वक लोगों को एक-एक कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। करीब 7 घंटे से अधिक समय तक चले अभियान में सेना की टुकड़ी ने लगातार राहत और बचाव कार्य जारी रखा। जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की।

भारतीय सेना ने बताया कि कुमाऊं स्काउट्स की टुकड़ी ने 300 से अधिक स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की।

सेना के जवानों ने इस दौरान साहस, टीम भावना और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया। अभियान के दौरान प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया।

भारतीय सेना प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव अभियानों में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।

कुलागाड़ पुल की घटना में भी सेना ने सूचना मिलते ही तेजी से कार्रवाई करते हुए लोगों को सुरक्षित निकालने का काम शुरू किया।

इस अभियान ने एक बार फिर दिखाया कि मुश्किल हालात में भारतीय सेना नागरिकों की मदद के लिए तत्काल आगे आती है और राहत कार्य पूरा होने तक पूरी मजबूती से डटी रहती है। भारतीय सेना ने इस अभियान के संदेश के तौर पर कहा, संकट में हम उठ खड़े होते हैं और सेवा में मजबूती से डटे रहते हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें