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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:05 · नई दिल्ली संस्करण

गणपति उत्सव पर महाकाल को 5.51 लाख मोदक का भोग, खजराना गणेश का 7 करोड़ के गहनों से श्रृंगार

उज्जैन/इंदौर। गणेश चतुर्थी पर सोमवार को मध्य प्रदेश में आस्था और उत्सव का रंग दिखाई दिया। उज्जैन के महाकाल मंदिर से लेकर इंदौर के खजराना और बड़ा गणपति मंदिर, मंदसौर के द्विमुखी चिंताहरण…

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गणपति उत्सव पर महाकाल को 5.51 लाख मोदक का भोग, खजराना गणेश का 7 करोड़ के गहनों से श्रृंगार

उज्जैन/इंदौर। गणेश चतुर्थी पर सोमवार को मध्य प्रदेश में आस्था और उत्सव का रंग दिखाई दिया। उज्जैन के महाकाल मंदिर से लेकर इंदौर के खजराना और बड़ा गणपति मंदिर, मंदसौर के द्विमुखी चिंताहरण गणपति, सतना, रतलाम, टीकमगढ़, ग्वालियर और बैतूल तक मंदिरों और गणेश पंडालों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। घरों और सार्वजनिक पंडालों में विधि-विधान से गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई। कई स्थानों पर विशेष पूजन, अभिषेक, महाआरती और भंडारे के आयोजन हुए।

उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर स्थित सिद्धिविनायक मंदिर में भगवान गणेश को 5.51 लाख मोदक का भोग लगाया गया। पंचामृत पूजन, अभिषेक और विशेष श्रृंगार के बाद महाआरती हुई। ढोल-ताशों की गूंज और गणपति बप्पा के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय रहा। मंदिर में अगले 10 दिनों तक मोदक प्रसाद का वितरण किया जाएगा। आरती में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बड़े बेटे वैभव यादव भी शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश के विकास और सिंहस्थ-2028 के सुगम आयोजन की कामना की।

खजराना में 7 करोड़ के आभूषण, सवा लाख मोदक का भोग

इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में गणपति बप्पा का करीब 7 करोड़ रुपए कीमत के स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार किया गया। भगवान को सवा लाख मोदक का भोग अर्पित किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण शुरू हुआ। गणेश महोत्सव के तहत मंदिर में अगले 10 दिनों तक विशेष आयोजन होंगे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मंदिर पहुंचकर ध्वज पूजन किया और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। अधिकारियों ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

125 साल पुराने बड़ा गणपति में 101 किलो लड्डुओं का भोग

इंदौर के बड़ा गणपति मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मंदिर में भगवान गणेश की करीब 25 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है। मंदिर इस वर्ष 125 वर्ष पूरे कर रहा है। गणेश चतुर्थी पर यहां शुद्ध गाय के घी से तैयार करीब 101 किलो लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। मंदिर में रोज रात संगीतमय आरती होगी। भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है।

चिंतामन गणेश में उल्टा स्वास्तिक बनाने की परंपरा

उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी पर विशेष दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर की खास परंपरा भगवान की पीठ की ओर उल्टा स्वास्तिक बनाने की है। मान्यता के अनुसार श्रद्धालु मनोकामना के लिए उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं और मनोकामना पूरी होने के बाद दोबारा आकर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं। कई श्रद्धालु यहां रक्षा सूत्र बांधते हैं। मनोकामना पूरी होने के बाद तुलादान करने की भी परंपरा है। मंदिर में अनाज, लड्डुओं और अन्य प्रसाद से तुलादान किया जाता है।

मंदसौर में एक ही शिला पर दो रूपों में गणपति

मंदसौर के गणपति चौक स्थित द्विमुखी चिंताहरण गणपति मंदिर में करीब 8 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र है। प्रतिमा एक ही शिला पर बनी है और इसके आगे तथा पीछे दोनों ओर से दर्शन किए जा सकते हैं। मंदिर समिति के अनुसार, प्रतिमा के एक ओर पंचमुखी गणेश का स्वरूप है, जबकि दूसरी ओर पगड़ीधारी सेठ के रूप में भगवान के दर्शन होते हैं। इसी वजह से इन्हें ‘सेठ गणेश’ भी कहा जाता है। गणेशोत्सव के दौरान यहां 12 दिनों तक विशेष पूजन, हवन और महाआरती के आयोजन होंगे।

रतलाम में वाहनों पर सवार होकर घर पहुंचे बप्पा

रतलाम में सुबह से ही गणेशोत्सव का उत्साह दिखाई दिया। शहर के अलग-अलग इलाकों में श्रद्धालु वाहनों पर गणेश प्रतिमाएं लेकर जाते नजर आए। बाजारों और दुकानों में भी गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए भीड़ रही। कई क्षेत्रों में आकर्षक झांकियों और सार्वजनिक पंडालों की तैयारियां पूरी की गई हैं।

ग्वालियर में मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग

ग्वालियर में गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ रही। इस बार मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग बढ़ी है। दुकानदारों के अनुसार मौसम के कारण मिट्टी की प्रतिमाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिसका असर कीमतों पर भी पड़ा है। छोटी प्रतिमाएं करीब 3 से 4 हजार रुपए से शुरू होकर बड़ी प्रतिमाओं के लिए 20 से 25 हजार रुपए तक कीमत बताई जा रही है।

टीकमगढ़ में मूर्तिकारों के यहां लगी भीड़

टीकमगढ़ में सुबह से ही मूर्तिकारों के यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। लोग मिट्टी से बनी छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाएं खरीदकर घर ले गए। पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं की ओर भी लोगों का रुझान दिखाई दिया।

बैतूल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने खरीदी मिट्टी की प्रतिमा

बैतूल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कारगिल चौक पहुंचकर स्थानीय महिला कलाकार लक्ष्मी प्रजापति से मिट्टी की गणेश प्रतिमा खरीदी। उन्होंने प्रतिमा के लिए 3 हजार रुपए का ऑनलाइन भुगतान किया। खंडेलवाल ने स्थानीय कलाकारों से प्रतिमा खरीदने को उनकी कला और रोजगार को बढ़ावा देने का माध्यम बताया।

सतना में जबलपुर से पहुंची ‘मीरानी के राजा’ की प्रतिमा

सतना के सिंधी कैंप स्थित मीरानी कॉलोनी में गणेशोत्सव की शुरुआत हुई। यहां स्थापित होने वाली गणेश प्रतिमा रविवार देर रात जबलपुर से पहुंची। प्रतिमा के पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों और गणपति बप्पा के जयकारों के साथ जुलूस निकाला गया। सोमवार को शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से प्रतिमा की स्थापना की गई।

शाजापुर में हनुमान मंदिर में गणेश भी विराजमान

शाजापुर जिले के बोलाई गांव के करीब 300 वर्ष पुराने सिद्धवीर खेड़ापति हनुमान मंदिर में हनुमान जी के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा भी विराजमान है। गणेश चतुर्थी पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर से जुड़ी अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं के कारण यह स्थान क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

सीहोर के गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के साथ 12 दिवसीय गणेश उत्सव शुरू हुआ। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ आयोजन की शुरुआत की गई। अगले कई दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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