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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:03 · नई दिल्ली संस्करण

कोटा : रेलवे अंडरपास निर्माण के दौरान मिट्टी धंसने से दो इंजीनियरों की मौत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कोटा : रेलवे अंडरपास निर्माण के दौरान मिट्टी धंसने से दो इंजीनियरों की मौत

कोटा। राजस्थान के कोटा में रेलवे अंडरपास निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार रात को एक भयानक हादसा हो गया। कोटा के दरा क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक के नीचे नेशनल हाईवे-52 पर बन रहे अंडरपास में मिट्टी धंस जाने से रेलवे के दो इंजीनियर मिट्टी के नीचे दब गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार मृतक इंजीनियरों की पहचान प्रभात सिंह और दूसरे अधिकारी के रूप में हुई है। दोनों निर्माण कार्य की निगरानी के लिए अंडरपास के नीचे खड़े थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंस गया और दोनों इंजीनियर मलबे में दब गए। घटना इतनी अचानक हुई कि उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला।

स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मचारियों ने दोनों को मलबे से बाहर निकाला। एक इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

दोनों को कोटा के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, दरा की नाल में दिल्ली-मुंबई मुख्य रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास का निर्माण पुश ब्लॉक तकनीक से किया जा रहा था। इस विधि में 13-13 फीट लंबे तीन ब्लॉकों को धक्का देकर रेलवे ट्रैक के नीचे लगाया जा रहा था।

गुरुवार रात डाउन लाइन के पास ब्लॉक सरकाने का काम चल रहा था। दोनों इंजीनियर उसी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे थे, तभी हादसा हो गया।

इस दुर्घटना के बाद कोटा रेल मंडल में हड़कंप मच गया। रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे वाली जगह पर सुरक्षा के मद्देनजर गुजरने वाली ट्रेनों की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। साथ ही सभी ट्रेनों को वहां स्टॉप करके आगे बढ़ने के निर्देश जारी किए गए हैं।

मृतक इंजीनियर प्रभात सिंह के परिजनों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि प्रभात सिंह की नौकरी लगे मात्र तीन महीने ही हुए थे।

परिवार का कहना है कि इतने कम अनुभव वाले इंजीनियर को इतने जोखिम भरे कार्य पर क्यों तैनात किया गया। रेलवे अधिकारियों ने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों को तत्काल मुआवजा और नौकरी देने का आश्वासन भी दिया है।

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