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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:24 · नई दिल्ली संस्करण

रेल कर्मचारियों के लिए तनाव मुक्त जीवन और नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यशाला

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रेल कर्मचारियों के लिए तनाव मुक्त जीवन और नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यशाला

काेटा। मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा के मार्गदर्शन में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत रेल कर्मचारियों को स्वस्थ, तनाव मुक्त एवं नशा रहित जीवन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कोटा रेल मंडल में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला मंडल के डिविजनल ट्रेनिंग सेंटर, इंजीनियरिंग विभाग परिसर में संपन्न हुई जिसमे इंजीनियरिंग विभाग के ट्रैकमैन, तकनीशियन, वरिष्ठ अनुभाग अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता सहित कुल 70 से अधिक कर्मचारियों ने सहभागिता की।वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में मनोचिकित्सक डॉ. दीपक गुप्ता, भारत विकास परिषद द्वारा कर्मचारियों को नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि नशा केवल शराब तक सीमित नहीं है, बल्कि तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, भांग, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थ भी इसके अंतर्गत आते हैं, जो व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ शारीरिक सेहत को भी गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।डॉ. दीपक गुप्ता ने कहा कि नशे की लत धीरे-धीरे विकसित होती है और कई बार व्यक्ति को यह आभास भी नहीं होता कि वह मानसिक रोग की ओर अग्रसर हो रहा है। धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है तथा शरीर की धमनियाँ कमजोर होने लगती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नशे की शुरुआत प्रायः मित्रों या परिचितों के बार-बार आग्रह से होती है, इसलिए इस विषय में सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।कार्यशाला के दौरान यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को नशे की लत लग चुकी हो, तो चिकित्सीय उपचार, पारिवारिक सहयोग एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के माध्यम से उसे नशा मुक्ति की ओर सफलतापूर्वक अग्रसर किया जा सकता है।इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीषा शर्मा ने कहा कि जीवन अत्यंत अनमोल है और इसे नशे की भेंट चढ़ने से बचाना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई तथा स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया।

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