मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:23 · नई दिल्ली संस्करण

बंगाल के रेस्टोरेंट में रोबोट परोस रहे खाना

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
बंगाल के रेस्टोरेंट में रोबोट परोस रहे खाना

कोलकाता,

। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस धीरे-धीरे मानव सभ्यता के लिए

सबसे बड़ा सहारा बनता जा रहा है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से को

उत्तरी हिस्से से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित एक

रेस्टोरेंट में अब रोबोट के जरिए खाना परोसा जा रहा है। यह रेस्टोरेंट

कोलकाता जैसे महानगर के नजदीक होने के बावजूद ग्रामीण परिवेश और उसी स्टाइल

में भोजन परोसने के लिए जाना जाता है। लेकिन, यह कार्य अनोखे अंदाज में

किया जाता है। इस रेस्टोरेंट में खाना वेटर नहीं बल्कि रोबोट द्वारा परोसा

जाता है।

इस रोबोट का नाम अन्नया है। यह सफेद रंग का है और लगभग

पांच फीट ऊंचा है। इसका एक आयताकार 'चेहरा' है, जो एक सेंसर-चालित डिजिटल

स्क्रीन के रूप में भी काम करता है, जिससे रसोई कर्मचारियों को विशेष टेबल

पर बैठे ग्राहकों द्वारा ऑर्डर किए गए भोजन को पहुंचाने में मदद मिलती है।

अन्नया

के पहिए हैं लेकिन हाथ नहीं हैं। इसमें चार शेल्फ्स वर्टिकली लगे हुए हैं,

जिन पर यह खाना रखकर लाता है। एक मानव कर्मचारी, जो टेबल के पास खड़ा होता

है, ट्रे से खाना निकालकर उसे मंत्रमुग्ध ग्राहक को परोसता है, जो अक्सर

एक चलते-फिरते और बोलते मशीन के पास खड़े होने की हैरानी में डूबा रहता है।

अगर रास्ते में कोई बाधा आती है, तो रोबोट बिना भोजन को गिराए अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दाएं या बाएं मुड़ सकता है।

रेस्टोरेंट

मैनेजर शुभंकर मंडल ने बताया, "हमारे पास चार रोबोट हैं, सभी का नाम

अन्नया (अजेय) है, ताकि हर महिला की दृढ़ता और लड़ाई की भावना को प्रकट

किया जा सके। हमारे रेस्टोरेंट को पूरी तरह से पड़ोस की महिलाएं चलाती हैं।

वे हर काम संभालती हैं - हाउसकीपिंग से लेकर खाना बनाने तक, कैश काउंटर

संभालने से लेकर रिसेप्शन डेस्क पर मदद करने तक। इसलिए, हमने सोचा कि

अन्नया सबसे उपयुक्त नाम होगा।"

यह रेस्टोरेंट नदिया जिले के

कृष्णानगर के पास, राष्ट्रीय राजमार्ग 12 (पूर्व में एनएच 34) के बगल में

स्थित है, जो कोलकाता से लगभग 120 किमी दूर है। तेजी से लोकप्रिय हो रहा यह

रेस्टोरेंट, महानगर और बरासात, बैरकपुर, कल्याणी, राणाघाट और बेहरामपुर

जैसे पड़ोसी शहरों से आने वाले ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है, जो रोबोट के

माध्यम से खाना परोसने का अनुभव लेने के लिए आ रहे हैं।

कोलकाता से

अपने परिवार के साथ आई 10 साल की अलंकृति रॉय, जो मूल रूप से मस्कट में

रहती हैं, ने कहा, "यह अद्भुत है। मैंने रोबोट के साथ एक सेल्फी भी ली है।"

एम्स

कल्याणी के एक मेडिकल छात्र, आसिफ ने बताया कि वह और उनके दोस्त पिछले कुछ

वर्षों से इस रेस्टोरेंट के नियमित ग्राहक हैं, लेकिन रोबोटों के आने से

खाने का अनुभव और भी रोमांचक हो गया है।

अन्नया रोबोट लगभग दो महीने

पहले रेस्टोरेंट की टीम में शामिल हुए थे। रेस्टोरेंट मैनेजर ने बताया कि

यह नाम एक पूर्व रेस्टोरेंट स्टाफ सदस्य, अन्नया, को भी श्रद्धांजलि है, जो

पहले तीन कर्मचारियों में से एक थीं।

रेस्टोरेंट मैनेजर ने

कहा,"हमारी रेस्टोरेंट की वर्तमान सफलता का श्रेय अन्नया को भी जाता है।

उन्होंने बताया कि रेस्टोरेंट की शुरुआत 2013 में हुई थी और यह पिछले

वर्षों में बढ़ता गया।

मैनेजर ने बताया कि रेस्टोरेंट की आईटी टीम

ने एक देसी सॉफ्टवेयर कंपनी के साथ मिलकर इन रोबोटों को असेंबल किया था,

लेकिन कंपनी का नाम बताने से उन्होंने इनकार कर दिया।

मंडल ने

खुलासा किया कि अगले एक साल के भीतर और अधिक रोबोट्स को लाने की योजना है,

जिससे रेस्टोरेंट की सेवाएं- खाना पकाने से लेकर उसे प्लेट में सजाने और

ग्राहकों को परोसने तक- पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद

से स्वचालित हो जाएंगी।

रेस्टोरेंट के सह-मालिक, अनाथ बंधु गराई ने

कहा, "इससे हमारी महिला कर्मचारियों पर काम का दबाव कम होगा और वे सेवा में

महत्वपूर्ण गुणात्मक वृद्धि कर सकेंगी। एक साल में जब यह किचन ऑटोमेशन हो

जाएगा, तो आप हमें देश के पूर्वी क्षेत्र का एकमात्र एआई-चालित, एआई-थीम

वाला रेस्टोरेंट कह सकते हैं।"

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें