मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:43 · नई दिल्ली संस्करण

रक्षा सहयोग पर भारत-न्यूजीलैंड की अहम बैठक, रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रक्षा सहयोग पर भारत-न्यूजीलैंड की अहम बैठक, रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड द्वारा वेलिंगटन में दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता शुरू की गई है। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह रक्षा रणनीतिक वार्ता हो रही है। दोनों पक्षों ने इस बातचीत के दौरान रोडमैप 2030 के निर्धारित उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा की।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, न्यूजीलैंड के वेलिंगटन में हुई इस दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद व न्यूजीलैंड के रक्षा मंत्रालय के उप सचिव रिचर्ड श्मिट ने की। वार्ता के दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

साथ ही, दोनों पक्षों ने रोडमैप 2030 के निर्धारित उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा की।

गौरतलब है कि भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता को महत्वपूर्ण मानते हैं। ऐसे में रणनीतिक वार्ता में समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा।

दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा से जुड़े सहयोग को मजबूत करने से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इस वार्ता में संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया। दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान से सैन्य क्षमताओं में इजाफा होगा।

वहीं, संचालन संबंधी समझ और आपसी समन्वय को मजबूत करने की दिशा में भी सहयोग बढ़ाया जा सकता है। दरअसल, भारत और न्यूजीलैंड के बीच रक्षा संबंधों को दीर्घकालिक दिशा देने के लिए रोडमैप 2030 एक महत्वपूर्ण आधार है। दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता में इसी रोडमैप के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने तथा रक्षा सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच रक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता से दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें