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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

केतन हत्याकांड : सिया गोयल के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
केतन हत्याकांड : सिया गोयल के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस

पुणे। केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। आरोपी सिया गोयल का वकील बताने वाले एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपए की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि साहिल गोयल ने मीडिया के सामने उनके खिलाफ झूठे, भ्रामक और मानहानिकारक बयान दिए, जिससे उनकी पेशेवर छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।

कानूनी नोटिस में एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि सिया गोयल ने विधिवत वकालतनामा (अथॉरिटी लेटर) पर हस्ताक्षर कर उन्हें अपना कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त किया था। यह नियुक्ति किसी मौखिक दावे, मीडिया प्रचार या बिना अधिकार के नहीं हुई, बल्कि एक बालिग आरोपी द्वारा अपनी इच्छा से दी गई कानूनी अनुमति के आधार पर हुई है।

नोटिस के मुताबिक, मूल हस्ताक्षरित वकालतनामा सक्षम अदालत में पहले ही दाखिल किया जा चुका है और जरूरत पड़ने पर संबंधित मंच या अदालत के सामने अन्य मूल दस्तावेज भी पेश किए जाएंगे।

नोटिस में दावा किया गया कि एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव का वकालतनामा वडगांव मावल कोर्ट ने स्वीकार कर रिकॉर्ड पर भी ले लिया है। इसके बावजूद साहिल गोयल ने कानूनी दस्तावेजों की जांच किए बिना और वकील से कोई बातचीत किए बिना सार्वजनिक रूप से उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए।

नोटिस में कहा गया कि यह बेहद चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण है कि साहिल गोयल ने वकालतनामा की वैधता की पुष्टि किए बिना मीडिया में यह बयान दिया कि उन्हें परिवार की ओर से नियुक्त या अधिकृत नहीं किया गया था।

एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव का कहना है कि साहिल गोयल के बयानों से लोगों के बीच यह गलत संदेश गया कि उन्होंने झूठा दावा करके आरोपी का वकील बनने की कोशिश की या बिना अधिकार के केस में दखल दिया।

नोटिस के अनुसार, इन आरोपों के कारण उन्हें मजाक, ट्रोलिंग, धमकियों, आपत्तिजनक फोन कॉल, पेशेवर शर्मिंदगी और प्रतिष्ठा को नुकसान का सामना करना पड़ा।

कानूनी नोटिस के जरिए साहिल गोयल से मांग की गई है कि वे तुरंत अपने कथित मानहानिकारक बयान वापस लें, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें और लिखित आश्वासन दें कि भविष्य में इस तरह के आरोप दोबारा नहीं लगाएंगे।

नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे।

इसमें 10 करोड़ रुपए के मानहानि और प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सिविल मुकदमा भी शामिल होगा।

यह विवाद सोमवार को मामले की अदालत में सुनवाई से पहले शुरू हुआ था। उस समय साहिल गोयल ने मीडिया से बातचीत में एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उन्हें परिवार ने कभी अपना वकील नियुक्त नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि संभव है आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया गोयल के हस्ताक्षर धोखे से हासिल किए हों।

साहिल गोयल का यह बयान उस समय आया, जब एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव कई मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को सिया गोयल का वकील बताते हुए मामले से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।

हालांकि, साहिल गोयल ने साफ कहा कि परिवार ने एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव को अपना वकील नियुक्त नहीं किया है। परिवार की ओर से एडवोकेट विपुल दुशिंग को वकील बनाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस संबंध में परिवार अदालत में हएफिडेविट भी दाखिल कर चुका है। साथ ही साहिल ने आरोप लगाया कि एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव की ओर से उनके परिवार को धमकियां भी दी गई हैं।

केतन अग्रवाल हत्याकांड में सामने आया यह नया विवाद अब मुख्य मामले के साथ-साथ आरोपी के परिवार और खुद को उसका वकील बताने वाले अधिवक्ता के बीच अलग कानूनी लड़ाई का रूप लेता नजर आ रहा है।

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