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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:18 · नई दिल्ली संस्करण

केरल: कोच्चि में अमेरिकी नागरिकों की ड्रोन शूटिंग में कुछ संदिग्ध नहीं, पुलिस का बयान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
केरल: कोच्चि में अमेरिकी नागरिकों की ड्रोन शूटिंग में कुछ संदिग्ध नहीं, पुलिस का बयान

कोच्चि। केरल पुलिस ने मंगलवार को कहा कि कोच्चि में विदेशी नागरिकों द्वारा ड्रोन से नौसैनिक अड्डे की शूटिंग के मामले में फिलहाल कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया है।

कोच्चि के फोर्ट कोच्चि इलाके में हिरासत में लिए गए दो अमेरिकी नागरिक केटी मिशेल फेल्प्स और क्रिस्टोफर को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। हालांकि, उनके खिलाफ आईएनएस द्रोणाचार्य और तटरक्षक मुख्यालय की ड्रोन से वीडियो रिकॉर्डिंग करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

पूछताछ के दौरान दोनों ने खुद को यूट्यूबर बताया और कहा कि उनका अपना चैनल है। पुलिस इन दावों की विस्तृत जांच कर रही है।

यह घटना शुरू में सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी थी, क्योंकि केरल के तटीय इलाके में रक्षा प्रतिष्ठान अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं। बिना अनुमति ऐसे ठिकानों की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करना सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।

ड्रोन गतिविधि सामने आने के तुरंत बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में उनके बयानों और डिजिटल रिकॉर्ड में किसी संदिग्ध नेटवर्क या गतिविधि से जुड़ाव के संकेत नहीं मिले हैं।

अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है और ड्रोन से रिकॉर्ड की गई फुटेज, इस्तेमाल किए गए उपकरण और दोनों के ट्रैवल हिस्ट्री की गहन जांच की जा रही है।

साथ ही, उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच की जा रही है ताकि उनके कंटेंट क्रिएटर होने के दावे की पुष्टि हो सके। जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि क्या इस तरह की रिकॉर्डिंग अन्य स्थानों पर भी की गई है और क्या कोई संवेदनशील फुटेज साझा या अपलोड की गई है।

हालांकि फिलहाल किसी तत्काल खतरे की आशंका से इनकार किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला लेने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।

सुरक्षा नियमों के तहत संवेदनशील स्थानों के पास बिना अनुमति ड्रोन से शूटिंग करने पर कड़ी कार्रवाई और दंड का प्रावधान है, जो जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।

यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि पर्यटकों और व्लॉगर्स द्वारा ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल से नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे क्षेत्रों में नियमों के पालन और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत दोहराई है।

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