प्रधानमंत्री ने किया बैजनाथ-पपरोला रेलवे स्टेशन के पुर्नविकास का शिलान्यास, विश्व स्तरीय सुविधाओं से होगा लेस
धर्मशाला,
26 फरवरी । राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में
13,168 करोड़ रुपये के रेलवे परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिससे
पहाड़ी प्रदेश में रेल नेटवर्क सुदृढ़ होगा और लोगों को और बेहतर रेल सुविधा
उपलब्ध होंगी।
राज्यपाल सोमवार को कांगड़ा जिले के बैजनाथ-पपरोला
रेलवे स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। वह यहां प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्चुअल तौर पर अमृत भारत योजना के अन्तर्गत देश भर
में एक साथ 554 स्टेशनों के पुनर्विकास एवं 1585 रोड ओवरब्रिज और अंडरपास
के लोकार्पण एवं शिलान्यास अवसर पर उपस्थित थे। इन परियोजनाओं में हिमाचल
प्रदेश के बैजनाथ पपरोला स्टेशन तथा डमटाल के समीप एक रोड ओवरब्रिज और
अंडरपास को भी शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश के लिए इन परियोजनाओं की
आधारशिला के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने
प्रसन्नता व्यक्त की कि बैजनाथ पपरोला स्टेशन का भी अमृत भारत स्टेशन योजना
में जीर्णोद्वार होगा और विश्व स्तरीय मानकों के अनुरूप स्टेशन निर्मित
होने से शिव भूमि बैजनाथ में पर्यटकों की आमद बढ़ने से यहां लोगों को लाभ
होगा।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में रेलवे द्वारा यात्रियों की
सुगम व बेहतर यात्रा के लिए अनेकों कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि
वर्ष 2024-25 के बजट में रेल के विकास के लिए हिमाचल प्रदेश को अब तक का
सर्वाधिक रिकॉर्ड 2081 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जो वर्ष 2009 से 2014 के
औसत बजट 108 करोड़ रुपए से 25 गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई
रेल लाइनों के निर्माण, दोहरीकरण और रेल मार्गों के विद्युतीकरण में भी
अभूतपूर्व गति से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में
बीते 10 वर्षों में लगभग 49 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया है।
हिमाचल में एक वंदे भारत ट्रेन भी चलाई जा रही है, जो राज्य के लोगों को
तेज, सुगम और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा
कि हिमाचल के अम्ब अन्दौरा रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक रेल सुविधाएं
उपलब्ध करवाने लिए स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है।
राज्यपाल
शुक्ल ने कहा कि हिमाचल में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने के लिए
भी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में 1300 स्टेशनों को
पुनर्विकास के लिए चिन्हित कर उन स्टेशन पर अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं
उपलब्ध करवाने की योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री
द्वारा 508 स्टेशनों के पुनर्विकास के कार्य का शिलान्यास अगस्त 2023 में
किया गया था।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में दो नैरोगेज हैरिटेज
लाईन हैं। इनमें कालका शिमला यूनैस्को वल्ड हैरिटेज साईट है। इसके अंतर्गत
आने वाले शिमला स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने
कहा कि रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के अन्तर्गत लैंडस्केप के साथ
सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, अलग-अलग प्रवेश का निकास द्वार, टू-व्हीलर,
फोर-व्हीलर और ऑटो रिक्शा के लिए अलग-अलग पार्किग की सुविधा तथा यात्री
क्षमता के अनुसार पर्याप्त क्षेत्र में प्रवेश हॉल का निर्माण किया जाएगा।
प्लेटफॉर्म पर कोच की सही स्थिति जानने के लिए कोच इंडिकेशन बोर्ड का
प्रावधान, एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने के लिए 12 मीटर चौड़ाई के फुट ओवर
ब्रिज का प्रावधान, नए प्लेटफॉर्म शेल्टर का प्रावधान तथा दिव्यांगजन की
सुविधा के लिए टॉयलेट्स और वाटर बूथ की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।





