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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:36 · नई दिल्ली संस्करण

अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत बढ़ी, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में ईडी को भी नोटिस

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत बढ़ी, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में ईडी को भी नोटिस

नई दिल्ली। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत को 14 दिन बढ़ाया है। शुक्रवार को इसी केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जवाद अहमद सिद्दीकी की याचिका के जवाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी किया।

जवाद अहमद सिद्दीकी ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका दायर करते हुए आरोपपत्र से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की थी। शुक्रवार को मामले में सुनवाई करते हुए एडिशनल सेशंस जज शीतल चौधरी प्रधान ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। साकेत कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी।

ईडी ने 16 जनवरी को कथित मनी-लॉन्ड्रिंग केस में सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी ने दावा किया कि सिद्दीकी और ट्रस्ट ने यूनिवर्सिटी और इससे जुड़े संस्थानों के माध्यम से अवैध तरीके से पैसे जुटाए। ईडी ने जांच में फर्जी राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) मान्यता दिखाकर छात्रों से फीस वसूलने, सरकारी एजेंसियों को गुमराह करने, फर्जी डॉक्टरों की नियुक्ति और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिलने का भी दावा किया।

इस मामले की शुरुआत नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम ब्लास्ट से जुड़ी जांच से हुई थी, जिसमें यूनिवर्सिटी के कुछ लोगों का नाम आया था। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था।

इसके बाद ईडी ने यूनिवर्सिटी की करीब 140 करोड़ की संपत्तियां जब्त कीं, जिसमें 54 एकड़ जमीन और इमारतें शामिल हैं। ईडी का दावा है कि सिद्दीकी ने ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी पर पूरी तरह नियंत्रण रखा और अवैध कमाई का मुख्य लाभार्थी रहा। जांच में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी और छात्रों के साथ छल का खुलासा हुआ है।

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