मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:30 · नई दिल्ली संस्करण

जेपी नड्डा ने भगवंत मान को दी नसीहत, कहा- अस्पतालों का बकाया जल्द चुकाएं

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

नई दिल्ली। पंजाब में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत विभिन्न उपचारों के लिए कई अस्पतालों में 600 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। इसके कारण निजी अस्पतालों ने इस कार्यक्रम के तहत लोगों का इलाज करना बंद कर दिया है। इसका संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को नसीहत देते हुए अस्पतालों का बकाया जल्द से जल्द चुकाने का आग्रह किया है। उन्होंने नसीहत दी कि दिल्ली में पार्टी इकाई की जय-जयकार करने की बजाय मुख्यमंत्री राज्य की खराब होती स्थिति पर ध्यान दें।शुक्रवार को सोशल मीडिया पर इस आशय का संदेश साझा करते हुए जेपी नड्डा ने भगवंत मान से आग्रह किया कि वे अस्पतालों का बकाया जल्द से जल्द चुकाएं, क्योंकि ऐसे कई परिवार हैं, खासकर हमारे मेहनती किसान, जो आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में पार्टी इकाई की जय-जयकार करने की बजाय सीएम भगवंत मान को पंजाब की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करना उचित रहेगा।उल्लेखनीय है कि गुरुवार को पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि सार्वजनिक और निजी दोनों अस्पतालों की कुल लंबित राशि 364 करोड़ रुपये है। बलबीर सिंह ने कहा कि लंबित भुगतानों के ब्योरे से पता चलता है कि सार्वजनिक अस्पतालों पर 166.67 करोड़ रुपये और निजी अस्पतालों के 197 करोड़ रुपये बकाया है। निजी अस्पतालों ने 600 करोड़ रुपये के बकाये का दावा किया है, जिसे मंत्री ने ‘झूठा और भ्रामक’ करार दिया। इस विवाद के चलते कई निजी अस्पतालों ने आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत इलाज बंद कर दिया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें