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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:17 · नई दिल्ली संस्करण

शिलाई क्षेत्र में जोड़ीदार प्रथा आज भी बरकरार, दो सगे भाइयों ने लाई एक दुल्हन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
शिलाई क्षेत्र में जोड़ीदार प्रथा आज भी बरकरार, दो सगे भाइयों ने लाई एक दुल्हन

नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले का ट्रांस गिरी क्षेत्र एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला पारंपरिक जोड़ीदारी प्रथा से जुड़ा है, जहां शिलाई उपमंडल में वर्षों बाद इस प्रथा के तहत विवाह हुआ है। जानकारी के अनुसार शिलाई के रहने वाले दो सगे भाई प्रदीप नेगी और कपिल नेगी ने एक ही दुल्हन के साथ एक ही मंडप में विवाह किया। यह विवाह हाटी समुदाय की पारंपरिक जोड़ीदारी परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ जिसमें एक ही पत्नी को दो या अधिक भाई साझे रूप में अपनाते हैं।

दोनों भाइयों में प्रदीप नेगी एक सरकारी कर्मचारी हैं जबकि कपिल नेगी विदेश में कार्यरत हैं। दुल्हन भी बारहवीं के बाद आईटीआई की पढ़ाई कर चुकी हैं। विवाह की सहमति तीनों पक्षों दोनों भाइयों और दुल्हन के बीच आपसी सहमति से बनी, जिसे उन्होंने विश्वास, देखभाल और साझी जिम्मेदारी का रिश्ता बताया।

इस अनूठी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिससे यह विवाह चर्चा का विषय बन गया है। शादी समारोह में गांववासी, रिश्तेदार और सैकड़ों लोग शामिल हुए। यह उत्सव तीन दिनों तक चला।

हाटी समुदाय की यह परंपरा महाभारत काल से जुड़ी मानी जाती है। मान्यता है कि पांडवों का अज्ञातवास इसी क्षेत्र में बीता था और उसी परंपरा को यहां हाटी समुदाय, उत्तराखंड के जौनसार बाबर और शिमला के कुछ इलाकों में आज भी अपनाया जाता है। समुदाय के लोग स्वयं को पांडवों का वंशज मानते हैं।

इस परंपरा का उद्देश्य पारिवारिक और संपत्ति संबंधी बंटवारे को रोकना बताया जाता है। हालांकि बाहरी दुनिया इस परंपरा को लेकर अलग-अलग मत रख सकती है लेकिन हाटी समाज इसे सदियों से मान्यता देता आया है।

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