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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:50 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार: राजगीर में मकर मेला शुरू, लोक परंपराओं एवं सामाजिक समरसता की दिखी तस्वीर

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
बिहार: राजगीर में मकर मेला शुरू, लोक परंपराओं एवं सामाजिक समरसता की दिखी तस्वीर

राजगीर। बिहार के नालंदा जिला अंतर्गत ऐतिहासिक नगरी के रूप में चर्चित राजगीर में सात दिवसीय राजकीय मकर संक्रांति मेला का शुभारंभ बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। मेले का विधिवत उद्घाटन ग्रामीण विकास विभाग सह परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने किया।

उद्घाटन से पूर्व वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार हिंदू रीति-रिवाजों के तहत विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस अवसर पर मंत्री श्रवण कुमार ने संबोधन में कहा कि राजगीर एक ऐतिहासिक भूमि है, जहां चार प्रमुख महोत्सवों का आयोजन किया जाता है। इनमें राजगीर महोत्सव, महाप्रतापी सम्राट जरासंध महोत्सव, गोपाष्टमी महोत्सव एवं दोगी महोत्सव शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर के धार्मिक महत्व को देखते हुए मकर मेला को राजकीय मेला का दर्जा दिया, जो अत्यंत सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि राजगीर न केवल एक तीर्थस्थल है, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन केंद्र भी बन चुका है। पहले यह मेला 10-10 किलो वजनी मूली एवं कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए जाना जाता था, लेकिन आज राजगीर अंतरराष्ट्रीय खेलों और आधुनिक पर्यटन का केंद्र बन गया है।

मंत्री ने कहा कि बचपन में कुंड स्नान के बाद मेले में डेढ़-दो हाथ लंबी और 10 किलो वजनी मूली देखने की उत्सुकता रहती थी। आज सरकार ने संस्कृति को संरक्षित रखते हुए विकास की नई लकीर खींची है।

अब राजगीर में अंतरराष्ट्रीय हॉकी एवं रग्बी जैसे बड़े आयोजनों का सफल आयोजन हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में जहां सरकारी विद्यालयों में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या मात्र 1.70 लाख थी, वह आज बढ़कर 9 लाख हो गई है। बिहार देश का पहला राज्य है, जहां एक माह में 1.20 लाख शिक्षकों की बहाली की गई। साथ ही 44 हजार से अधिक बेटियां आज पुलिस विभाग में सेवा दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में कोई भी परिवार बेघर न रहे, इसके लिए बिहार सरकार द्वारा पुनः बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण कराया जा रहा है।

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं एवं सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है।

सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि मकर मेला राजगीर एक प्रमुख धार्मिक मेला है, जिसका धार्मिक महत्व अत्यंत विशिष्ट है। इस मेले का धार्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए नालंदा जिले के अलावा बिहार के अन्य जिलों से भी श्रद्धालु राजगीर पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदैव सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करते रहे हैं। मकर मेला के अवसर पर कृषि मेला में प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें नई उन्नत फसलों के बारे में किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की लाभान्वित योजनाएं एवं जानकारियां दी जा रही हैं। मेले में आकर्षक एवं मनोरंजक प्रतियोगिता 'दही खाओ–इनाम पाओ' का सफल आयोजन भी किया गया।

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