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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:03 · नई दिल्ली संस्करण

जीतू पटवारी का मुख्यमंत्री को पत्र, पशुपालन विभाग में सुधार की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जीतू पटवारी का मुख्यमंत्री को पत्र, पशुपालन विभाग में सुधार की मांग

भाेपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार काे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर उनके द्वारा गौ-पालन एवं पशुपालन विभाग अपने पास रखने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए विभाग में प्रभावी सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि विभागों का प्रभार बदलना मुख्यमंत्री का अधिकार है, लेकिन जनता यह भी जानना चाहती है कि क्या इससे व्यवस्था में भी बदलाव आएगा।

पत्र में जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास पहले से कई महत्वपूर्ण विभाग हैं और जिन विभागों की जिम्मेदारी उनके पास है, वे भी जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए हैं। ऐसे में पशुपालन विभाग का अतिरिक्त प्रभार लेने के बाद प्रदेश के किसान, पशुपालक और गौ-सेवा से जुड़े लोग बेहतर परिणामों की उम्मीद कर रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में गौशालाओं को चारा, पानी, उपचार और अन्य संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पशुपालन की बढ़ती लागत, महंगे चारे और सीमित सरकारी सहायता के कारण किसानों के लिए यह व्यवसाय आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

उन्होंने पत्र में विधानसभा में सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में बेसहारा गोवंश से जुड़े 237 सड़क हादसे हुए, जिनमें 94 लोगों की मौत और 133 लोग घायल हुए। पटवारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक चुनौती बताते हुए छुट्टा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता जताई। पटवारी ने यह भी कहा कि सरकार के अनुसार एक गौशाला में एक गोवंश के पालन-पोषण पर प्रतिदिन लगभग 70 रुपये का खर्च आता है, जबकि उपलब्ध अनुदान इससे कम है। उनका कहना है कि इससे गौशालाओं के संचालन और गोवंश के संरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

पत्र में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से गौशालाओं की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने, पशुपालकों के लिए राहत पैकेज घोषित करने, छुट्टा गोवंश की समस्या के समाधान की समयबद्ध कार्ययोजना जारी करने तथा किसानों की फसलों और सड़क दुर्घटनाओं में हुए नुकसान के लिए प्रभावी मुआवजा एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब केवल विभागों का हस्तांतरण नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं में ठोस सुधार और परिणाम देखना चाहती है।

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