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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:25 · नई दिल्ली संस्करण

जनकपुरी हादसा : पुलिस ने कोर्ट में 877 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जनकपुरी हादसा : पुलिस ने कोर्ट में 877 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गड्ढे में गिरकर एक युवक की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।

पुलिस ने इस मामले में रोहिणी की कोर्ट में 877 पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों में लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच के दौरान पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को नामजद किया है उनमें केकेएसपीयूएन प्राइवेट इंडिया लिमिटेड के निलंबित निदेशक हिमांशु गुप्ता, उप ठेकेदार राजेश कुमार और एक मजदूर योगेश शामिल है।

पुलिस के अनुसार हिमांशु गुप्ता उस परियोजना से जुड़े मुख्य ठेकेदार के तौर पर जिम्मेदार थे जबकि राजेश कुमार उप ठेकेदार के रूप में काम कर रहे थे। वहीं, योगेश को राजेश कुमार द्वारा निर्माण स्थल पर काम के लिए लगाया गया मजदूर बताया गया है।

पुलिस जांच में यह सामने आया है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे जिसके चलते यह दुखद हादसा हुआ। आरोप है कि जिम्मेदार लोगों ने आवश्यक सावधानियों का पालन नहीं किया, जिससे एक युवक की जान चली गई।

जानकारी के मुताबिक इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी आक्रोश देखने को मिला था।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है। जांच एजेंसियां इस घटना से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

अगर आगे की जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी अदालत में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक पुलिस द्वारा दाखिल आरोपपत्र के आधार पर अदालत में आगे की सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।

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